मलवाड़ा में पकड़ी कीमती वन औषधि

कटौला (मंडी)। कटौला क्षेत्र की बथेरी पंचायत के मलवाड़ा में औषधीय वन संपदा की 35 बोरियां वन विभाग ने पकड़ी हैं। यह खेप गैर कानूनी ढंग से रात के अंधेरे में कुल्लू की तरफ ले जाई जा रही थी। पकड़ी गई वन संपदा की कीमत 45,000 रुपये बताई जा रही है। इसमें 21 बोरी रखाले, 3 बोरी अखरोट दंदासा, 2 बोरी बरे तथा 9 बैग पठाण बेल शामिल है। इस मामले में एक व्यक्ति को पकड़ लिया है। जबकि जिस गाड़ी में यह खेप ले जाई जा रही थी, उसका चालक अभी फरार है। वन विभाग के अधिकारियों ने द्रंग पुलिस थाना में मामला दर्ज करवा दिया है।
घटना बथेरी पंचायत के मलवाड़ा बीट की है। यहां तैनात फॉरेस्ट गार्ड गोविंद राम को रात करीब साढ़े दस बजे गुप्त सूचना मिली कि सनवाड़ की तरफ से एक माजदा गाड़ी में वन संपदा की खेप बोरियाें में भरकर कुल्लू की तरफ ले जाई जा रही है। इस पर फॉरेस्ट गार्ड तथा दो अन्य वन मजदूरों ने मलवाड़ा के पास बैरियर लगा दिया। लेकिन, आरोपी बैरियर पर नहीं रुके तथा बैरियर तोड़कर गाड़ी को वहां से भगा ले गए। इसके बाद फॅारेस्ट गार्ड ने एक अन्य साथी के साथ बाइक से गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया। करीब 20 किमी आगे बजौरा के समीप चेक पोस्ट के पास एक आरोपी को पकड़ लिया गया। वन अधिकारियाें केअनुसार पकड़े गए आरोपी को गाड़ी चालक ने अपनी गाड़ी से नीचे उतार दिया था तथा खुद गाड़ी भगाकर फरार हो गया। पीछा करने पर आरोपियों ने वन संपदा से भरी बोरियों को चलती गाड़ी से ही सड़क से नीचे फेंकना शुरू कर दिया। बथेरी के पास वन विभाग को वन संपदा की 30 बोरी, जबकि कुल्लू रोड़ पर सेगली के पास 5 बोरी बरामद हुई। आरोपी की पहचान दलीप कुमार पुत्र राम दयाल निवासी सेरी डाकघर बथेरी के रूप में हुई है। इधर, आरओ तारा चंद ने पुष्टि करते हुए बताया कि वन संपदा की कुल 35 बोरियां बरामद हुई हैं। उधर, डीएफओ मंडी एचके सरवटा का कहना है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा।

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