मातृसदन मे ज्ञानस्वरूप सानंद का तप आज से

हरिद्वार। स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रो. जीडी अग्रवाल बृहस्पतिवार से मातृसदन में तपस्या शुरू करने जा रहे हैं। उनका यह तप अलकनंदा और मंदाकिनी पर बांध बनाकर इनकी अविरलता भंग होने से रोकने के लिए होगा। स्वामी सानंद ने तप की शुरुआत के लिए माततृसदन के संत स्वामी निगमानंद के बलिदान दिवस को चुना है।
बुधवार को मातृसदन परिसर में अमर उजाला से स्वामी सानंद ने कहा कि गंगा हमारे के लिए आस्था का केंद्र है। गंगा को मां कहा जाता है। मां के दूध पर बच्चे का अधिकार होता है लेकिन भूखा होने पर भी बच्चे को मां का मांस खाने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। गंगा को एक और राष्ट्रनदी का दर्जा दिया जा रहा है दूसरी ओर निर्लज्जता से अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अलकनंदा और मंदाकिनी पर बांध सहित अन्य परियोजनाओं से अविरलता को भंग किया जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह रोक कुछ दिन की नहीं हो बल्कि सदा के लिए परियोजनाएं निरस्त हों। संसद में इसके लिए प्रस्ताव लाकर पास किया जाए।
अनशन के स्थान पर तप क्यों, इस सवाल के जवाब में स्वामी सानंद ने कहा कि अनशन निजी स्वार्थ के लिए भी हो सकता है। लेकिन तपस्या में निजी स्वार्थ नहीं होता। धरोहर को बचाना तपस्या ही है।

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