
बागेश्वर। मंडलसेरा में हुई महापंचायत में भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी के सदस्य राजा बहुगुणा ने कहा कि आशा वर्कर्स संगीता मलड़ा की शराब तस्करों ने हत्या की है। इस मामले में पुलिस लीपापोती कर हत्यारों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मामले की सीबीसीआईडी जांच करने की मांग की है। इसी मांग को लेकर 14 जून को जिला मुख्यालय पर जुलूस निकाल कर धरना दिया जाएगा।
मंडलसेरा के बानरी तोक के प्राथमिक विद्यालय में श्री बहुगुणा ने कहा कि शराब विरोधी अभियान में लगी संगीता की शहादत को यहां की पुलिस आत्महत्या बता रही है। जिस दिन संगीता की मौत हुई उस दिन संगीता शराब विरोधी आंदोलन की रूपरेखा तय कर रही थी। इसकी भनक आरोपियों को लग गई। उन्होंने संगीता के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की और उसे मार दिया। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्य की फोरेंसिक जांच करने के बजाए पोस्टमार्टम कराने में जुट गई। मामले में नामजद महिला को घटना के 12 दिन बाद गिरफ्तार किया गया। उन्होेंने कहा कि वह प्रदेशव्यापी नशामुक्ति के लिए आंदोलन चलाएंगे। उन्होंने मामले में डीएम और एसपी को जिम्मेदार ठहराया है।। आशा वकर्स यूनियन के प्रदेश महामंत्री जगत मर्तोलिया ने कहा कि चार जून को जिला प्रशासन के साथ पांच बिंदुओं पर समझौता हुआ था। लेकिन प्रशासन आज तक एक पर भी अमल नहीं किया। ऐसे तंत्र पर कतई भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने संगीता मामले में सीबीसीआईडी जांच की मांग की। 13 जून को मृतका के मायके वालों के साथ कमेड़ी में पंचायत की जाएगी। सभा को किशन सिंह मलड़ा, चंदन मलड़ा, शेर सिंह मलड़ा, नीमा धपोला, गोपुली देवी, रमुली देवी आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर घिरौली, बानरी, भुल्यूड़ा, फु लवाड़ी, जिमखोला, जीतनगर, जोशी गांव, भागीरथी, मलड़ाखोला आदि तोकों के लोग मौजूद थे।
संगीता की याद में स्मारक बनाने का निर्णय
बागेश्वर। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि शराब के खिलाफ लड़ने वाली आशा कार्यकत्री संगीता की शहादत को नहीं भुलाया जा सकता। मंडलसेरा में उनकी याद में एक स्मारक बनाया जाएगा। जिसमें हर साल 29 मई को उनकी शहादत को याद किया जाएगा।
सीबीआई जांच की मांग
बागेश्वर। उत्तराखंड पर्वतीय वन संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश पांडे कृषक ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर संगीता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हत्याकांड से एक दिन पूर्व गांव की महिलाएं शराब विरोधी मांग को लेकर नवागत जिलाधिकारी से मिली थीं। डीएम कुछ आदेश देते इससे पूर्व ही संगीता की हत्या कर दी गई। इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में लिया जाना चाहिए।
