
उत्तरकाशी। बाढ़ सुरक्षा कार्यों में विलंब का ठीकरा अपने सिर फोड़े जाने के विरोध में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शासन स्तर से बजट आवंटन में देरी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ की बैठक में वर्तमान हालात पर चर्चा की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन के अधिकारी बाढ़ सुरक्षा कार्यों में विलंब का ठीकरा सिंचाई विभाग के सिर फोड़ रहे हैं। स्थलीय निरीक्षण के दौरान विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबन की चेतावनी देकर उत्पीड़ित किया जा रहा है। विभाग ने पिछले वर्ष अगस्त में बाढ़ आने के तत्काल बाद ही सुरक्षा कार्यों का आगणन उच्चाधिकारियों को भेज दिए थे, लेकिन शासन से बजट की पहली किश्त 23 मार्च 2013 को जारी की गई।
सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा कार्यों को पूरा कराने की कोशिश कर रहे हैं। करीब 50 करोड़ लागत के कार्यों में 15 करोड़ से अधिक के काम पूरे हो चुके हैं। जबकि शासन से महज पांच करोड़ ही मिला है। उन्होंने विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का अकारण उत्पीड़न किए जाने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में महासंध के जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह रावत, ओपी जोशी, भगवान सिंह, रामचंद्र नौटियाल, प्रेमसागर नौटियाल, विमल मोहन सकलानी, कमल पडियार, खेमराज कुंडरा, पूर्णानंद जोशी, सुरेश कुमार आदि मौजूद थे।
