नमो ‘चक्रवात का असर जारी’ गोलबंद होने लगीं क्षेत्रीय ताकतें

नमो ‘चक्रवात का असर जारी’ गोलबंद होने लगीं क्षेत्रीय ताकतें

नई दिल्ली: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी आम चुनाव की कमान सौंपे जाने से उठा राजनीतिक तूफान अब भारतीय जनता पार्टी की दहलीज पार कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में दरार पैदा कर रहा है तो दूसरी ओर क्षेत्रीय ताकतों के बीच नए ध्रुवीकरण की मुहिम भी तेज हो गई है।

इस नए गठजोड़ में पूरब की तीन बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों तृणमूल कांग्रेस, बिहार की सत्तारूढ जनता दलयू और ओडिशा के बीजू जनता दल के बीच मेलमिलाप के नए सेतु बना दिए। क्षेत्रीय दलों को मिलाकर फेडरल फ्रंट बनाने की तृणमूल नेता ममता बनर्जी की मुहिम के बीच कोलकाता में बिहार के मुख्यमंत्री के राजनीतिक दूत के सी त्यागी ने ममता से मंत्रणा की। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से नाता तोडने की कसमसाहट के बीच जनता दलयू के नेता ने आज यह भी कहा कि आडवाणी युग का अब अंत हो गया है और ऐसे में पार्टी को नई परिस्थितियों में अपना निर्णय लेना होगा।

ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार के दूत से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के अलावा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी फेडरल फ्रंट बनाए जाने के हक में हैं। उन्होंने कहा कि मैंने नीतीश जी से बात की थी। उनकी भी राय है कि क्षेत्रीय दलों को एक फेडरल फ्रंट बनाना चाहिए। इस बैठक से ठीक पहले त्यागी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लोगों की आशाओं पर खरा नहीं उतर सका है।

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