ट्रेन से जबरदस्ती उतारने पर भाकियू का हंगामा

हरिद्वार। सामान ले जाने वाले डिब्बे से भारतीय किसान यूनियन (भानू) के कार्यकर्ताओं को उतारने पर रेलवे स्टेशन पर बवाल हो गया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने गार्ड की धुनाई कर दी और इसे हटाने की मांग को लेकर हेमकुंड एक्सप्रेस के इंजन पर भी चढ़ गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए। इस दौरान मामला शांत कराने पहुंची पुलिस के साथ भी नोकझोंक हुई। गार्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए और एक घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई। इस दौरान यात्री खासे परेशान रहे।
मंगलवार शाम करीब पौने छह बजे हेमकुंड एक्सप्रेस (14609) में भारतीय किसान यूनियन (भानू) की कुछ महिलाएं सामान ले जाने वाली डिब्बे में बैठ गई। किसानों का आरोप है कि गार्ड ने डंडे के बल पर महिलाओं को डिब्बे से उतारना शुरू किया। इसी बीच गार्ड के डंडे से सहारनपुर जा रही महिला रानी देवी चोटिल हो गई। इससे कार्यकर्ता भड़क गए और लुधियानी मुख्यालय गार्ड सुखबीर सिंह की धुनाई कर घायल कर दिया। कार्यकर्ताओं की भीड़ ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पटरी पर भी बैठ गए। इन्होंने मांग रखी तब तक कोई नहीं उठेगा जब तक गार्ड हटाया न जाए और इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज न किया जाए। इसी बीच सीओ सिटी चंद्र मोहन नेगी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने घायल महिला का मेडिकल कराकर गार्ड पर मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन गुस्साए कार्यकर्ताओं को दिया। तब जाकर भारतीय किसान यूनियन (भानू) के कार्यकर्ता पटरी से हटे और इंजन से भी उतर गए।
रेलवे प्रशासन के पास अतिरिक्त गार्ड न होने के चलते चोटिल गार्ड को स्टेशन पर ही प्राथमिक उपचार के बाद दो सुरक्षाकर्मियों के साथ ट्रेन में रवाना कर दिया। स्टेशन से हेमकुंड एक्सप्रेस अपने निर्धारित (शाम 5.50 बजे से शाम 6.40 बजे) समय से 50 मिनट देर से रवाना हुई। जीआरपी थानाध्यक्ष का कहना है कि गार्ड की एनसीआर काटी गई है। रेल रोकने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

पुलिस से भी नोकझोंक
मामला तूल पकड़ने पर रेलवे प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने इंजन पर चढे़ गुस्साए कार्यकर्ताओं को उतारने का प्रयास किया। लेकिन कार्यकर्ताओं ने इन पर ही लाठियां तान दी। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर कार्यकर्ता जैसे तैसे शांत हुए।

शताब्दी को भी रोकने का प्रयास
देहरादून से दिल्ली चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को एक नंबर प्लेटफार्म से गुजारा गया। इस पर कार्यकर्ता इस रोकने के लिए दौड़े। लेकिन, रेलवे सुरक्षा बल के समझाने पर कार्यकर्ता शांत हुए और लौट आए।

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