
देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी मंच के बैनर तले आंदोलनकारियों का तीन सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी शहीद स्मारक के समीप अनशन जारी रहा। मंगलवार को महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए विरोध में नारेबाजी की।
आंदोलनकारियों को उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा देने, पेंशन देने और आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग पर मंच की ओर से आवाज उठाई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों को सम्मान देने के बजाय उन्हें हाशिए पर धकेल रही है। मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष नंद बल्लभ पाण्डेय ने कहा कि सरकार ने राज्य निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों की उपेक्षा की है, जिससे मंच के कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि उक्त मांगों के लिए कार्यकर्ता 21 जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में इंदू भट्ट, गोदांबरी भट्ट, सावित्री देवी, विधाता देवी, यशोदा रावत, सुलोचना मेंदवाल, शारदा रावत, शशि, गुसांई, अनुसुया देवी, गायत्री देवी, उर्मिला डबराल, वीना भट्ट, प्रभात डंडरियाल, हरीश सती, प्रभा तिवारी, सुभागा देवी, भागीरथी रतूड़ी, वीना देवी, परमेश्वरी देवी आदि शामिल थे।
