
गोपेश्वर। जनपद के प्रभारी मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने सोमवार को जिला नियोजन समिति की बैठक में जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाकर विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने समस्त अधिकारियों को हर हाल में वित्तीय वर्ष 2012-13 में आवंटित जिला योजना की धनरशि जून माह तक खर्च करने के निर्देश दिए।
जिला सभागार में बैठक लेते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जो कार्य वन भूमि के चलते सालों से लंबित पडे़ हैं, उन कार्यों को छोड़कर अन्य कार्यों में स्वीकृत धनराशि खर्च की जाए। नगर मुख्यालय के लिए निर्मित अमृत गंगा पेयजल योजना की प्रगति धीमी होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। कहा कि जल निगम के अधिकारी हर वक्त ठेकेदार का रोना रोते रहते हैं। उन्होंने तत्काल मौजूदा ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने और डेढ़ माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूखी नहरों में शीघ्र पानी देने के लिए कहा गया। बीसूका उपध्यक्ष और बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने जिला योजना के तहत विभागाें को मिले बजट के शत-प्रतिशत उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने तय सीमा पर धनराशि खर्च करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी, नगर पालिकाध्यक्ष संदीप रावत, जोशीमठ पालिकाध्यक्ष रोहणी रावत आदि मौजूद थे।
सहायक निदेशक का वेतन रोकने के निर्देश दिए
जिला नियोजन समिति की बैठक में जब प्रभारी मंत्री ने दुग्ध विकास संघ के अधिकारियों से दूध की गुणवत्ता और खपत के बारे में पूछा तो कर्मचारी और अधिकारी एक-दूसरे के बगलें झांकने लगे। इस पर नाराज होकर मंत्री ने संघ के सहायक निदेशक के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
