आइसक्रीम और ठंडे में मिलावट की आशंका

बिलासपुर। पारा चढ़ने के साथ ही ठंडक प्रदान करने वाले पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ गई है। आइसक्रीम, कुल्फी और ठंडा हाथों हाथ बिक रहा है। डिमांड बढ़ने के साथ ही ‘डुप्लीकेसी’ का भी खतरा बढ़ गया है। आइसक्रीम और ठंडे में ‘मिलावट’ की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ऐसे पदार्थों के सैंपल भरने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रहा है।
गर्मियों के सीजन में मिलावट की आशंका रहती है। उमस भरी गर्मी में लोग ठंडक के लिए आइसक्रीम के साथ ही पेयजल पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, मिस ब्रांडेड, मिलावट और अन्य कई खामियां होने के कारण ऐसी चीजें कई बार बीमारियों का कारण बन जाती हैं। लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे उत्पादों की सैंपलिंग शुरू कर दी है। अब तक बिलासपुर में विभिन्न कंपनियों के कोल्ड ड्रिंक्स के पांच सैंपल भरकर जांच के लिए कंडाघाट स्थित प्रयोगशाला के लिए भेजे जा चुके हैं। जबकि आइसक्रीम का सैंपलिंग का कार्य जारी है। बिलासपुर के अलावा हमीरपुर में भी विभाग नजर रखे हुए हैं। स्थानीय स्तर पर आइसक्रीम बनाने वाली फेक्ट्रियों की भी जांच-पड़ताल करने का अभियान जल्द ही छेड़ दिया जाएगा। बिलासपुर और हमीरपुर का जिम्मा देख रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. अतुल कायस्था ने बताया कि अभी तक कोल्ड ड्रिंक्स के पांच सैंपल भरे गए हैं। जबकि, आइसक्रीम की सैंपलिंग जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की परख जरूर कर लें।

सरकारी दालों पर भी ‘शक’
बिलासपुर। राज्य सरकार द्वारा डिपुओं के माध्यम से शुरू की गई मूंग दाल और सरसों के तेल में भी ‘मिलावट’ की आशंका है। लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बिलासपुर में मूंग दाल और सरसों के सैंपल भरे हैं। हालांकि, अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविकता का पता चल सकेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. अतुल कायस्था ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सैंपल भर जांच के लिए भेजे गए हैं।

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