
देवाल। स्थानीय प्रशासन की लचर कार्यशैली खनन माफियाओं के हौसले बुलंद कर रही है। रात के अंधेरे में पिंडर और कैल नदी पर अवैध खनन का धंधा जोरों पर चल रहा है। नदियों के किनारों पर कई स्थानों पर 50 से 100 मीटर तक के गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जो बरसात में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे का सबब बन सकते हैं।
थराली-देवाल के मध्य पिंडर नदी के किनारों पर पिछले लंबे समय से रेत, बजरी का खनन किया जा रहा है। धंधे में लिप्त माफिया मंहगे दामों पर रेत, बजरी जनपद के अलावा गढ़वाल और कुमाऊं में भी बेच रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। तहसील मुख्यालय थराली, थाना, देवाल पुलिस चौकी, पटवारी चौकी, कानूनगो कार्यालय से पांच किमी के क्षेत्रफल में अवैध खनन का धंधा जोरों पर चल रहा है।
इधर खनन माफिया पिंडर और कैल नदी पर भी खनन कर चांदी काट रहे हैं। बताया जा रहा है कि खनन माफियाओं द्वारा अवैध रेत का एक ट्रोला चार से पांच हजार रुपये में बेचा जा रहा है, लेकिन प्रशासन मौन है।
अवैध खनन की सूचना है। जांच कर मामले के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट के निर्देश के चलते खनन की अनुमति नहीं मिल पाई है। इस संबंध में शासन स्तर पर भी कार्रवाई चल रही है।
– विवेक प्रकाश, एसडीएम थराली
