खनन से उपजाऊ भूमि को खतरा

धौलाकुआं (सिरमौर)। क्षेत्र के कई इलाकों में अवैध खनन ने किसानों को भूमिहीन कर दिया है। अवैध खनन से जमीन खोखली हो रही है। इसका सीधा असर बीघों उपजाऊ भूमि पर पड़ रहा है। नदियों का पानी उपजाऊ भूमि के टुकड़ों को अपने साथ बहाकर ले जा रहा है। क्षेत्र में जाल फैलाए बैठे खनन माफिया के कुछ लोगों ने जेसीबी खरीद ली है। इसके सहारे वे देर रात को नदियों में उतरकर खनन का काम कर रहे हैं। अहम बात यह है कि बीते दिनों ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो जेसीबी को अपने कब्जे में लिया था। साथ ही भारी भरकम जुर्माना वसूला था। बावजूद इसके खनन माफिया पर कोई असर नहीं पड़ रहा। अवैध खननकारी यहां से रेत बजरी उठाकर हरियाणा क्षेत्र में ले जा रहे हैं। खननकारी ऐसे कामों के लिए क्षेत्र के कोलर तथा हरिपुरखोल मार्गों का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, वन विभाग ने इस पूरे मार्ग पर दो चैक पोस्ट लगाई हैं। एक हरियाणा की सीमा में स्थित है, जबकि दूसरी कोलर में। हैरानी इस बात की है कि दोनों क्षेत्रों में किसी भी वाहन पर कार्रवाई किए जाने का मामला अभी तक सामने नहीं आया है। अवैध खननकारी सुंकर नदी, बाता नदी, बाता मंडी, सुदोवाला खोल, रामपुर भारापुर आदि गांव से होते हुए यहां की नदियों तथा नालों में प्रवेश करते हैं।
उधर, जिला खनन अधिकारी संजीव शर्मा का कहना है कि अवैध खनन किसी भी प्रकार से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग उक्त दोनों क्षेत्रों में कार्रवाई करेगा। किसानों की उपजाऊ भूमि बर्बाद नहीं होने दी जाएगी।

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