
स्वारघाट (बिलासपुर)। इंटक से संबद्ध आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी एंड आईपीएच वरकर्स यूनियन सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू न किए जाने के विरोध में ‘अपनी’ ही सरकार के खिलाफ लामबंद हो गई है। कांग्रेस पृष्ठभूमि रखने वाले इस संगठन ने चेताया है कि यदि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय जल्द लागू न किया गया तो प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
रविवार को यूनियन की स्वारघाट इकाई के अध्यक्ष सरदार चन्नण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि वर्ष 1994 के बाद पीडब्ल्यूडी व आईपीएच में जो भी कर्मचारी नियमित हुए हैं, उन्होंने 12-13 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया था। चूंकि नियमितीकरण के लिए आठ वर्ष का अवधि तय की गई थी, लिहाजा कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया। सर्वोच्च न्यायालय ने भी कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाते हुए उन्हें बैक डेट से नियमित करने का आदेश दिया। इसके साथ ही एरियर का भुगतान करने व सभी वित्तीय लाभ देने को भी कहा गया।
बैठक में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाने के बावजूद प्रदेश सरकार उसे लागू नहीं कर रही है। इसके चलते कर्मचारियों में अत्याधिक रोष है। यदि इस फैसले पर जल्द अमल न किया गया तो यूनियन सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेगी। बैठक में यूनियन के प्रदेश महासचिव जगतार सिंह बैंस, नयनादेवी ब्लाक अध्यक्ष रूपलाल ठाकुर, स्वारघाट ब्लाक महासचिव नंदलाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गगन ठाकुर तथा राकेश कुमार, भाग सिंह व कुलदीप सिंह समेत कई कर्मचारियों ने भाग लिया।
