पांगी घाटी में आज तक नहीं चलीं निजी बसें

पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में एक ओर जहां निगम की बसों की कमी चल रही है, वहीं आज तक निजी बसें नहीं चलाई जा सकी हैं। हैरानी की बात है कि इस जनजातीय क्षेत्र में आज तक यहां निजी बस रूटों को परमिट देने की नीति नहीं बन पाई है। इस कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परिवहन निगम की ओर से घाटी में 11 के करीब बसें चलाई गई हैं, जोकि पांगीवासियों के लिए नाकाफी होने लगी हैं। पांगी में प्राइवेट बसों का होना जरूरी है। निजी बस सेवा शुरू न होने के कारण लोगों को महंगे दाम पर टैक्सी हायर कर गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। स्थानीय निवासी हेम सिंह, जोधा राम, विजय सिंह, रूप लाल, शेर सिंह, रमेश कुमार, भीम सिंह, दिनेश कुमार, अशोक कुमार, प्यार सिंह, जितेंद्र कुमार, राहुल, विजय, विनय व राम कृष्ण से प्रदेश सरकार व परिवहन निगम से मांग की है कि पांगी घाटी में निजी बसों को परमिट जारी किए जाएं। इससे लोगों को समय-समय पर बस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इस संदर्भ में आरएम केलांग मंगल चंद मनेपा ने बताया कि पांगी घाटी की सड़कों की दशा ठीक नहीं है। इसके अलावा सर्दी के मौसम में लगभग छह माह तक मार्ग बंद रहता है। इस कारण निजी बसें नहीं चलाई जा सकती हैं। अगर निजी बसों के लिए परमिट जारी भी कर दिया जाएगा तो उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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पेट्रोल पंप तक नहीं है पांगी में
पांगी घाटी में लोगों ने वाहन तो रखे हैं, मगर यहां आज दिन तक पट्रोल पंप तक नहीं खुल पाया है। घाटी के लोगों को पेट्रोल व डीजल के लिए जम्मू-कश्मीर या फिर लाहौल-स्पीति के उदयपुर तक जाना पड़ता है। इस कारण पेट्रोल व डीजल अन्य सामान की तरह ही सहेज कर रखना पड़ता है।

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