
देहरादून। रेलवे स्टेशन से मसूरी समेत दून के पर्यटक स्थलों के लिए अब टैक्सियां नहीं मिल सकेंगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद रेलवे प्रशासन ने टैक्सियों को यहां से हटाने की पूरी तैयारी कर ली है। टैक्सी स्टैंड लंबे समय से रेलवे की भूमि पर चलाया जा रहा था। इसे हटाने को लेकर रेलवे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। शुक्रवार को स्टेशन प्रशासन ने टैक्सी एसोसिएशन के साथ बैठक कर आदेश की जानकारी दी। एसोसिएशन को इस बाबत नोटिस भी दे दिया गया है। हालांकि, रेलवे अधिकारी इस मामले को लेकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि टैक्सी स्टैंड को शनिवार शाम तक खाली कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
टैक्सी मालिकों की हड़ताल
रेलवे के कदम को लेकर टैक्सी ओनर्स एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है। सचिव धनपाल राणा का कहना है कि स्टैंड को हटाने से दून समेत बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कहा कि लंबे समय से एसोसिएशन स्टैंड के लिए स्थान की मांग कर रही है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनके मुताबिक रेलवे प्रशासन को स्टैंड का किराया लेने को कहा गया, लेकिन प्रशासन ने ऐसा भी नहीं किया। राणा ने बताया कि आदेश के विरोध में शुक्रवार रात से ही टैक्सी मालिकों की हड़ताल शुरू हो गई है। जल्द समस्या का निस्तारण न हुआ तो बाहरी टैक्सियों को भी दून में घुसने नहीं दिया जाएगा। आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा रही है।
48 साल का इतिहास
रेलवे स्टेशन पर यह टैक्सी स्टैंड 48 वर्ष पुराना है। 1965 में यहां तांगा स्टैंड बना तो कुछ टैक्सियां भी खड़ी होने लगीं। 1975 में टैक्सी स्टैंड पूरी तरह अस्तित्व में आ गया। वर्तमान में दून टैक्सी ओनर्स एसोसिएशन से 950 टैक्सियां संबद्ध हैं। बाहरी प्रदेशों से आने वाले यात्री भी स्टैंड के बारे में जानकारी रखते हैं।
