मिलट्री इंटेलीजेंस ने पकड़ी सेटेलाइट फोन की लोकेशन

चंपावत। चार दिन पहले भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधित थोराया सेटेलाइट फोन का प्रयोग करने वाले संयुक्त राष्ट्र संघ के कर्मचारियों की लोकेशन की जानकारी सबसे पहले मिलट्री इंटेलीजेंस को मिली थी। जिसने तत्काल स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस संबंध में एलर्ट कर दिया था। पुलिस के पास सेटेलाइट फोन ट्रेस करने का कोई साधन, उपकरण नहीं होने से पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों को सेटेलाइट फोन की सही लोकेशन नहीं मिल सकी। जिसके बाद पुन:मिलट्री इंटेलीजेंस की सहायता ली गई और वहां से प्राप्त जानकारी के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ कर्मचारियों की लोकेशन खंगालने के लिए पुलिस ने गूगल अर्थ की मदद ली गई।
गूगल अर्थ की मदद से सेटेलाइट फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने नेपाल के दार्चुला जिला अंतर्गत लटीनाथ निवासी जोगेंद्र बहादुर और चंडीला असम निवासी वीरेंद्र बहादुर को दो थोराया सेटेलाइट फोन सीज करने के साथ अपनी निगरानी में ले लिया। पुलिस, आईटीबीपी, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों की ओर से की गई पूछताछ में इन युवकों का कोई गलत इरादा सामने नहीं आया है। पुलिस अधीक्षक केएस नगन्याल के अनुसार यूनाइटेड नेशन्स के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम में कार्यरत जोगेंद्र और वीरेंद्र अज्ञानतावश भारत में प्रतिबंधित थोराया सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। उनका कहना है कि दो फोन में से केवल एक ही फोन का इस्तेमाल किया गया था।

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