
रुद्रपुर। मेयर समर्थक नगर निगम बोर्ड की बैठक में घुस गए। वहां पर उन्होंने जमकर उत्पात मचाया। कांग्रेसी पार्षदों के संग मारपीट की। इससे सदन के भीतर भगदड़ मच गई। कुछ लोगों के बीच बचाव करने पर मामला किसी तरह शांत हुआ। बाद में कांग्रेसी पार्षदों ने मुख्य नगर अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आपराधिक तत्वों के सदन में प्रवेश कर मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को नगर निगम बोर्ड बैठक जैसे शुरू हुई तो क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने मुख्य नगर अधिकारी निधि यादव से कहा, उनके (भाजपा) दो पार्षद अनपढ़ हैं। इसलिए उनकी सहायता के लिए दो पढ़े-लिखे लोग दिए जाएं। इस पर कांग्रेसी पार्षद उखड़ गए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को अपने शब्द वापस लेने को कहा, बोले, पार्षदों को विधायक अनपढ़ नहीं कह सकते हैं। इसके बाद कांग्रेसी पार्षदों की भाजपा विधायक और भाजपा सभासदों संग तीखी-नोकझोंक हुई। किसी तरह मामला शांत हुआ और कार्यकारिणी व विकास समिति के गठन की प्रक्रिया जैसे ही शुरू हुई तो कांग्रेसियों ने क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल की बैठक में मौजूदगी का विरोध किया। कांग्रेसियों ने कहा कि विधायक को बैठक में मौजूद रहने का अधिकार नहीं है। इसको लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया और सदन के मेन गेट पर आकर धरने पर बैठ गए। इस बीच सदन में मौजूद मुख्य नगर अधिकारी भी उठकर अपने कक्ष में चली गईं। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक, मेयर सोनी कोली, भाजपा महिला पार्षदों के संग उठकर जाने लगीं तो गेट पर बैठे कांग्रेसी पार्षदों की भाजपा पार्षदों के संग धक्का-मुक्की हो गई। मामला बढ़ने पर बाहर खड़े मेयर समर्थक सदन के भीतर घुस आए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेसी पार्षदों के संग हाथापाई और मारपीट की। इसलिए बैठक दो घंटे के लिए स्थगित हो गई। दोपहर बाद बैठक शुरू हुई तो कार्यकारिणी व विकास समिति के पदों पर भाजपा के पार्षदों ने कब्जा जमाया।
