
नालागढ़ (सोलन)। वर्ष 2003 में प्रदेश को मिले औद्योगिक पैकेज के बाद फार्मा हब के रूप में विश्व के मानचित्र पर उभरे एवं हिमाचल के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के सबसे बड़े संगठन बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष पद की कमान मंडी के राजेंद्र गुलेरिया को मिली है। उत्तराखंड के अरुण रावत बतौर अध्यक्ष दूसरी पारी रिपीट नहीं कर पाए। शुक्रवार को बीबीएन उद्योग संघ की आमसभा की बैठक बददी के एक निजी होटल में हुई।
बैठक में सहमति को लेकर शुरू में कुछ गहमागहमी रही। बाद में कोलोजियम ने एक नाम तय किया, जिसका समर्थन उपस्थित सदस्यों ने किया। वहीं बैठक में बीते कार्यकाल में हुए कार्यों और विकासात्मक क्रियाकलापों पर रूपरेखा पर विस्तारपूर्वक चरचा हुई। बीबीएन उद्योग संघ में करीब 600 सदस्य हैं, जिनमें से करीब 100 से 150 नॉन मेनूफैक्चरिंग यूनिटों से जुड़े सदस्य हैं। यह संघ के एसोसिएट सदस्य तो हैं, लेकिन इन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं है। बीबीएन उद्योग संघ के साथ लघु उद्योग भारती, दवा निर्माता संघ, गत्ता उद्योग संघ, नालागढ़ उद्योग संघ आदि यूनियनों के सदस्य शामिल है।
उद्योगों के पलायन को रोकना मुख्य उद्देश्य
वर्ष 2007-11 तक राजेंद्र गुलेरिया अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। उन्होंने कहा कि बतौर अध्यक्ष उनका मुख्य काम हिमाचल से उद्योगों को पलायन से रोकना है। इनवेस्टमेंट प्रोमोशन के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए भरसक प्रयत्न करेंगे। सरकार की उद्योगों से संबंधित योजनाएं बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने के लिए प्रयास उनके मुख्य उद्देश्य होंगे।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर बीबीएन उद्योग संघ अरूण रावत, यशवंत सिंह गुलेरिया, दीपक भंडारी, विजय अरोड़ा, सी एन धर, विजय अरोड़ा, दीपक भंडारी, अश्विनी शर्मा, राजेंद्र गुलेरिया, भावना, शैलेष अग्रवाल, एसएल सिंगला, परमजीत अरोड़ा, हरीश गोयल, हरीश शर्मा, आर के पीर, आईएमजेएस सिद्धू, सतार मोह मद, एमपी शर्मा, के एस भिंडर, करूण कश्मीरी, केआर चंदेल आदि मौजूद रहे
