
कपकोट/बागेश्वर। सांसद प्रदीप टम्टा और विधायक ललित फर्स्वाण 29 मई को उच्च हिमालयी क्षेत्र के पैदल भ्रमण पर निकले थे। छह दिनों की पैदल यात्रा के दौरान वह विकास की दयनीय हालत और लोगों की तकलीफों से रू-ब-रू हुए। सोमवार की रात बाछम में उन्होंने सभा की।
चौड़ा स्थल, डौला, कुंवारी, किलपारा, समडर, बोर बलड़ा, भराकांडे, बदियाकोट, सोराग, खाती होते हुए मंगलवार को रात लगभग 12 बजे सांसद और विधायक बाछम पहुुचे। यहां मध्यरात्रि तक लोग उनके इंतजार में खडे़ थे। यहां आधी रात को ही सभा हुई। इस दौरान योजनाआें की असलियत उजागर हुई।
बाछम में पीएमजीएसवाई के तहत सड़क का निर्माण छह साल पहले शुरू हुआ। यह सड़क अभी गांव से पांच किमी की दूरी तक ही बनी है और काम रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पहले पिंडर नदी पर पुल बनेगा इसके बाद शेष सड़क बनेगी। रिखाड़ी से खड़ीधार को जोड़ने वाली सड़क पर कल्वर्ट नहीं बने हैं।
तीख, पटास, भटंग सहित आधा दर्जन गांवों के स्कूल शिक्षा मित्रों के सहारे चल रहे हैं। यहां आने से पहले ही शिक्षक अपना तबादला करा लेते हैं। भटंग मे प्राथमिक स्कूल के भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं। भवन में हादसे की आशंका बनी है।
पर्यटन विकास के लिए ग्लेशियर रूट पर खाती, फुरकिया, कफनी और जातोली में 30 -30 लाख की लागत से हटों का निर्माण होना था। दो साल से निर्माण सामग्री जंगलों में पड़ी है। केएमवीएन ने यह कार्य ठेके पर दिया है। हटों का निर्माण कार्य अब तक नहीं हुआ है।
29 मई से पैदल भ्रमण पर निकले सांसद प्रदीप टम्टा और विधायक ललित फर्स्वाण पहले एक मई को इसके बाद चार मई को मोबाइल फोन नेटवर्क की रेंज में आ सके। वहां के बाशिंदे रोज ही इन दुश्वारियों के बीच जीवन यापन करते हैं। बीएसएनएल की सेवाएं दयनीय हैं।
