
चंबा (टिहरी)। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन उनकी समस्याएं जस की तस है। आलम यह है कि प्रधानों को दो वर्षों से मानदेय तक नहीं मिल पाया है। नया पंचायती राज एक्ट लागू करने की मांग भी फाइलों में कैद होकर रह गई है।
मंगलवार को चंबा में प्रधान संगठन की बैठक में यह बातें उभर कर सामने आईं। वक्ताओं ने कहा कि जब प्रधानों को ही दो वर्षों से मानदेय नहीं मिल पा रहा है तो आम आदमी की समस्याएं ह होने के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है। कहा कि प्रधान कई वर्षों से पंचायती राज एक्ट लागू करने की मांग करते आ रहे हैं। इस मामले में उन्होंने नई दिल्ली में भी प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया। मनरेगा में भी कई माह से वर्कऑर्डर नहीं हो रहे हैं। प्रधान संगठन के अध्यक्ष भगवान सिंह कुंवर और संरक्षक सुनील गोपाल कोठारी ने कहा कि सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा प्रधानों को भुगतना पड़ रहा है। बैठक में विजय सिंह, विशाल सिंह, राधा देवी, पुष्पा देवी, सोहनवीर सिंह, सोना देवी आदि उपस्थित थे।
