
चंपावत। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। इस बार भी जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नौ और अन्य आंतरिक मार्गों पर यातायात सामान्य बनाए रखने की चुनौती पेश आने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्ग की देखरेख की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के पास है, जबकि आंतरिक मार्गों का संचालन लोक निर्माण विभाग करता है।
सीमा सड़क संगठन ने बरसात के समय यातायात सामान्य बनाए रखने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किलोमीटर में डेंजर जोन चिह्नित कर दिए गए हैं। करीब 10 स्थान ऐसे हैं जहां पर बरसात के सीजन में नियमित रूप से मलबा हटाने के लिए बुलडोजर और जेसीबी तैनात की जाएगी। कुछ अतिरिक्त मजदूरों को भी बरसात के सीजन में तैनात किया जाएगा। सीमा सड़क संगठन के प्र्रशासनिक अधिकारी जीसी जोशी के अनुसार पिछले वर्ष यह मार्ग एक दिन के लिए भी बंद नहीं हुआ था।
लोनिवि ने गतवर्ष मलबा हटाने के लिए निजी ठेकेदारों को जेसीबी और बुलडोजर तैनात करने का ठेका दिया था। जिले में लोनिवि के अधीन आने वाली चंपावत-तामली, चंपावत-खेतीखान, पुनावे-सैंदर्क, धौन-दियूरी, लोहाघाट-देवीधुरा, लोहाघाट-चमदेवल, लोहाघाट-बाराकोट सड़कों पर अक्सर बारिश में मलबा आने का खतरा रहता है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीसी पंत के अनुसार बारिश में सड़कों की देखरेख के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
