
रामपुर बुशहर। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के गृहक्षेत्र रामपुर में बागवानों को सब्सिडी का पैसा देने के लिए उद्यान विभाग के पास बजट ही उपलब्ध नहीं है। इससे यहां सब्सिडी के करीब पांच सौ मामले लटक गए हैं। वर्ष 2011-12 के इन मामलों का निपटारा न होने से बागवानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। रामपुर में बागवानों ने उद्यान विभाग से पावर स्प्रेयर खरीदी थी। 12 हजार से 35 हजार तक की कीमत की इन पावर स्प्रेयर पर बागवानों को सब्सिडी मिलनी थी। सरकार प्रति स्प्रेयर 50 प्रतिशत सब्सिडी बागवानों को देती है, लेकिन यहां बजट न होने से बागवानों को सब्सिडी के पैसे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उद्यान विभाग के रामपुर कार्यालय में सब्सिडी के करीब पांच सौ मामले बजट न होने से लटके हैं। सब्सिडी के केस वर्ष 2011-12 के बताए गए हैं। इधर, सब्सिडी के पैसे न मिलने से बागवानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई बागवानों ने उधार में किसी से पैसे लेकर पावर स्प्रेयर मशीनें खरीदी थीं। सरकार से सब्सिडी मिलने पर बागवानों को उधार का पैसा वापस चुकाना था, जो वे दे नहीं पा रहे हैं। कई बागवान सब्सिडी के पैसे के लिए कार्यालय के चक्कर पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन यहां जब उन्हें पता चलता है कि अभी बजट ही नहीं आया है तो उनको निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। बागवानों ने सरकार से सब्सिडी के पैसे जल्द देने की मांग की है। उधर, उद्यान विभाग के अधिकारी डा. मनमोहन चौहान ने रामपुर में सब्सिडी के करीब पांच सौ मामले अटके होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कुछ मामले निपटाए जा चुके हैं। जैसे-जैसे बजट आएगा तो इन मामलों को भी निपटा लिया जाएगा। विभाग के उच्चाधिकारियों को बजट की डिमांड भेजी गई है।
