
पौड़ी। विकास योजनाओं में वित्तीय अनियमितता तथा मानकों को ताक में रखने के मामले में अदालत ने कल्जीखाल के एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को जेल भेज दिया है। कोर्ट पहुंचे वीडीओ आत्मसमर्पण के बाद जमानत पर छूटने की सोच कर आए थे, लेकिन जमानत याचिका खारिज होने पर सीधे जेल पहुंच गए।
अधिवक्ता दिगपाल सिंह के मुताबिक वर्ष 2009 में कल्जीखाल ब्लाक में तैनात तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी जगदंबा प्रसाद थपलियाल पर पंचायत भवन निर्माण में 50 हजार की राशि बगैर कार्य के गायब करने का आरोप था। कुछ कार्य मानकों से हटकर भी कराए गए। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने आरोपी वीडीओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया। तब से इस मामले की पड़ताल चल रही थी, लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आया। आरोपी शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचा। सरेंडर के बाद आरोपी ने अदालत में जमानत याचिका दायर की, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया और जेल भेजने का आदेश दिया। इसके बाद वीडीओ को पुलिस ने जेल भेज दिया।
