
चंपावत। जिला मुख्यालय में आधार कार्ड बनाने को पहुंच रहे लोगों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं, लेकिन वहां पर कंप्यूटरों को संचालित करने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था नहीं की गई है। यदि बिजली सप्लाई भंग हो जाए तो काम ठप पड़ रहा है। ग्रामीण अंचलों से कार्ड बनाने को पहुंच रहे लोगों को इस कारण भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरकार ने अब आधार कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया है। आधार कार्ड के माध्यम से कैश सब्सिडी जैसे लाभ मिल पाएंगे। आधार कार्ड को व्यापक महत्व दिया गया है। कार्ड बन जाने पर लोगों को अन्य तरह की आइडेंटी प्रूफ दिखाने की जरूरत नहीं होगी। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग अनिवार्य रूप से आधार कार्ड बनाने के लिए तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं। बताया गया है कि आधार कार्ड बनाने के लिए कंप्यूटरों की संख्या भी कम है। पिछली बार जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि आधार कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए कम से कम 100 कंप्यूटर की जरूरत होगी। जबकि यहां पर मात्र 38 कंप्यूटर ही उपलब्ध हैं। अधिकांश स्थानों पर कंप्यूटरों को नियमित संचालित करने के लिए जेनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। इधर, स्थानीय लोगों ने इस अव्यवस्था को नए जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी के सामने रखने का फैसला किया है। ताकि लोगों को परेशानी न हो और काम भी समय पर पूरा हो जाए।
