
खटीमा। जमौर निवासी ढाई वर्षीय कृष्णा को दिल की बीमारी है। उसके पिता के पास इतने पैसे नहीं है वह उसका इलाज करा सके। फिर भी किसी तरह रुपयों का इंतजाम कर वह बेटे को इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में ले गया है। अब महंगा इलाज कराने में उसके सामने पैसों की समस्या खड़ी हो गयी। उसे अब आस बची है तो लोगों की मदद की। कोई इस मुसीबत की घड़ी में उसका साथ दे दे।
जमौर निवासी हीरालाल मेहनत मजदूरी कर घर चलाता है। दो साल पहले उसका बेटा कृष्णा बीमार हो गया था। उसको यहां के डाक्टरों के इलाज से आराम नहीं मिला तो वह बच्चे को राममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा, बरेली ले गया। डाक्टरों ने जांच के बाद बताया कि कृष्णा के दिल में छेद है और वाल्व भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। यह सुनते ही हीरालाल के परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन चिकित्सकों के यह कहने पर की इलाज संभव है वह इलाज करा रहा है। हीरालाल नौ मई को कृष्णा को दिल्ली के एम्स में इलाज के लिए ले गया जहां डाक्टरों ने आपरेशन का खर्च डेढ़ से दो लाख बताते हुए जांच कराने को कहा। हीरालाल ने बताया कि कुछ जांच हो गई हैं लेकिन महंगी जांच अभी होनी बाकी हैं जिसके बाद ही आपरेशन होगा। यह भी कहा कि वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता है और उसके लिए यह इलाज कराना बेहद मुश्किल हो रहा है। अब हीरालाल को लोगों की मदद ही एक आस बची है।
