
धौलाकुआं (सिरमौर)। सीसीआई राजबन इकाई में चल रही कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर बाहती महासभा ने कड़ा ऐतराज जताया है। सभा ने राजबन इकाई प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बाहती महासभा ने कहा है कि सीसीआई राजबन इकाई कामगारों तथा कर्मचारियों को इंसाफ देने में नाकाम सिद्ध हुई है। शनिवार को इस मुद्दे पर बाहती महासभा ने एक बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष नंदलाल परवाल ने की।
महासभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि इकाई में कार्यरत कामगारों की मांगे जायज हैं। यह मांगे लंबे समय से लंबित हैं। सीसीआई प्रबंधन कामगारों के लिए कुछ नहीं कर सका। यही कारण है कि हड़ताल 18वें दिन में प्रवेश कर गई है।
कामगारों की मांगों को उठाते हुए महासभा ने कहा कि कामगार मात्र राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान मांग रहे हैं। यही नहीं विभिन्न कामगारों को हाई स्किल्ड तथा सेमी स्किल्ड श्रेणियों में लिया जाए। महासभा की महिला अध्यक्षा त्रिशला चौधरी ने बताया कि सीसीआई द्वारा तैयार कालोनियों में कामगारों को कमरे नहीं मिल रहे। उन्हें देर रात आवाजाही करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यदि सप्ताह भर के भीतर सभी मामले नहीं सुलझाए गए तो इकाई प्रबंधन का भारी विरोध किया जाएगा।
इससे पूर्व बैठक में सुनील चौधरी, सुनीता चौधरी, दलजीत सिंह चौधरी, माया राम चौधरी, संजीव कुमार, नरेश चौधरी, राकेश कुमार, मुकेश चौधरी आदि ने भाग लिया।
