आग के मुहाने पर धर्मशाला

धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला आग के मुहाने पर है। कभी भी आगजनी होने पर कुछ भी हो सकता है। कारण, वैसे तो शहर में 18 के करीब हाइड्रेंट लगाए गए हैं। लेकिन वर्तमान में आग बुझाने के लिए एक ही हाइड्रेंट सक्रिय है।
आग लगने की सूरत में विभाग की गाड़ियों को चार किलोमीटर दूर काला पुल हाइड्रेंट से पानी भरकर लाना पड़ता है। इस कारण विभाग के कर्मचारियों को भी आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। हाइड्रेंट खराब होने के कारण अब शहर की 25 हजार के करीब आबादी पर संकट मंडराने लगा है। खराब हाइड्रेंट को ठीक करने की मांग कई बार की जा चुकी है, मगर इन हाइड्रेंट को आईपीएच विभाग ठीक नहीं करवा रहा है। शहर में ब्रिटिश शैली के लकड़ी के मकान हैं। इनमें अधिकतर सरकारी भवन भी हैं। ऐसे में आग लग जाते तो भगवान ही मालिक।
वहीं, मैकलोगंज में भी हाइड्रेंट खराब चल रहा है। इस कारण यहां भी आग पर काबू पाने में परेशानी पेश आती है। बताया जा रहा है कि कुछेक हाइड्रेंट के पार्ट टूटे हुए हैं। इस कारण यहां से गाड़ियों में पानी नहीं भरा जा सकता। अग्निशमन विभाग भी इस बारे में आईपीएच विभाग को सूचित कर चुका है।

ये हाइड्रेंट चल रहे हैं खराब
मैकलोडगंज, गुरुद्वारा, फव्वारा चौक, खनियारा रोड, कचहरियां, महात्मा गांधी पार्क, चीलधार, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, अस्पताल, एसपी आफिस, डिपू बाजार, शहीद स्मारक, एजूकेशन बोर्ड, कालेज रोड, धौलाधार होटल के पास लगे हाइड्रेंट खराब चल रहे हैं।

अतिरिक्त सफर
उधर, जिला अग्निशमन अधिकारी स्वरूप कुमार ने बताया कि कालापुल के पास लगे हाइड्रेंट से ही विभाग की गाड़ियां पानी भरती हैं। शहर में लगे हाइड्रेंट खराब चल रहे हैं। आग बुझाते समय पानी खत्म होने पर गाड़ियों को 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर भी करना पड़ता है। ऐसे में आग पर काबू पाने में परेशानियां पेश आती हैं।

समस्या का किया जा रहा हल
आईपीएच विभाग के एसडीओ राजीव महाजन ने बताया कि खराब हाइड्रेंट ठीक किए जाएंगे। जल्द ही फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास हाइड्रेंट को चालू किया जा रहा है। इसके अलावा मैकलोडगंज में हाइड्रेंट को ठीक कर दिया गया है। फायर लाइन को लेकर योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। योजना के तहत फायर ब्रिगेड के लिए अलग से पेयजल लाइन बिछाई जाएगी।

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