
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विवि पालमपुर की छात्रा की मौत पर प्रताड़ना के मामले में फंसे दो प्राध्यापकों के पक्ष में आई हपोटा पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। हपौटा पर यह सवाल प्रेस वार्ता में सरकारी दस्तावेेज जारी करने पर उठे हैं।
वीरवार को पत्रकार वार्ता में हपौटा के पदाधिकारियों ने मृतक छात्रा आंचल राजपूत से संबंधित सरकारी दस्तावेजों को मीडिया के सामने जारी कर दिया। जबकि कृषि विवि के एक अधिकारी की मानें तो इन सरकारी दस्तावेजों को जारी नहीं किया जा सकता। हालांकि अभी मामले की पुलिस जांच चल रही है। सूत्रों का कहना है कि बड़ी बात यह है कि यूनियन के पदाधिकारियों के पास बेसिक साइंस कालेज के दस्तावेज कैसे आ गए? जबकि अधिकारी की मानें तो कानूनन इन्हें किसी को नहीं दिया जा सकता। वीरवार को हपौटा पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में मीडिया के सामने आंचल से संबंध रखने वाले कई दस्तावेज जारी किए। तीन दिन के अंदर ही जारी किए गए इन दस्तावेजों से मृतका के परिजन और आहत हो सकते हैं।
उधर, बेसिक साइंस कालेज के डीन डा. जीएल बंसल ने कहा कि हपौटा कृषि विवि से संबंध रखता है। उन्होंने यह दस्तावेज लिए हैं। हपौटा के अध्यक्ष डा. एससी नेगी ने कहा कि हमारी बातों का मीडिया व लोगों को विश्वास हो, इसके लिए इन दस्तावेजों को दिया है। जबकि कानूनन इनको नहीं दिया जा सकता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
