
टिहरा (मंडी)। भीषण गर्मी ने प्राकृतिक जल स्रोतों पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। इससे पेयजल किल्लत की समस्या गंभीर होती जा रही है। टिहरा क्षेत्र की तनिहार पंचायत में नौण-साहन उठाऊ पेयजल योजना पर नौण स्कीम का जलस्तर लगातार घट रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार योजना का करीब 80 फीसदी जल सूख चुका है। ऐसे में तनिहार पंचायत के निहार, धलौण, हियूण, नलयाणा तथा लांबरी आदि गांवों के बाशिंदों को तीसरे दिन पानी की सप्लाई मिल रही है। पानी की कमी की समस्या मात्र इसी योजना से नहीं है। क्षेत्र की टिहरा, कोट, ग्रयोह तथा चोलथरा पंचायतों के बाशिंदे भी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यहां लोगों को सप्ताह में मात्र एक ही बार पानी की सप्लाई मिल रही है। इन पंचायतों के लिए विभाग की कांढापतन स्कीम से पेयजल आपूर्ति होती है। विभाग के पास कर्मचारियों का टोटा एवं अन्य तकनीकी खामियों के चलते भी पानी की समस्या लोगो के लिए आफत बन गई है। स्थानीय त्रिलोक चंद, विधि चंद, शेर सिंह, बक्शी राम, सदाराम ठाकुर, रमेश चंद, राकेश कुमार, करतार सिंह, विनोद कुमार, मिल्खी राम व संतोष कुमार आदि का कहना है कि इस भीषण गर्मी में उचित पेयजल आपूर्ति न होने से समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।लोगो को मीलो दूर से पानी लाना पड़ रहा है। उधर, टिहरा पंचायत उपप्रधान सुरेंद्र पठानिया, कोट पंचायत प्रधान रेनू, ग्रयोह प्रधान हेमा देवी तथा चोलथरा पंचायत उपप्रधान प्रवीण बंधू ने विभाग से पानी की सप्लाई सुचारू रूप करने की मांग की है। इधर, इस बारे में विभागीय सहायक अभियंता एमएल चौहान ने माना कि प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी की कमी आ रही है, जिससे योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। लोगो की समस्या को जल्द दूर किया जाएगा।
