‘न बिजली न पानी, अपनी तो यही कहानी’

जुखाला (बिलासपुर)। ‘न बिजली न पानी, अपनी तो यही कहानी।’ जुखाला क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों लोगों की हालत कुछ ऐसी ही है। तकनीकी कार्य का हवाला देकर विद्युत विभाग ने संबंधित गांवों में दिन के समय बिजली की आपूर्ति बंद कर दी है। इसके चलते पेयजल योजनाएं भी शोपीस बनकर रह गई हैं। नतीजतन, चिलचिलाती धूप में झुलस रहे लोगों को पानी की एक-एक बूंद के लिए भी तरसते हुए दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। जुखाला क्षेत्र के स्याहुला, कोटला, पटवारखाना, झंडा, डढोग, बलवाड़ और पंजैतन आदि गांवों में इन दिनों बिजली की पुरानी तारें और लकड़ी के खंभे बदलने का कार्य चल रहा है। इस कार्य के मद्देनजर वीरवार से इन क्षेत्रों में दिन के समय बिजली की सप्लाई बंद रखी जा रही है। यह कार्य 27 मई तक जारी रहेगा। दिन भर में 7-8 घंटे बिजली के बगैर आईपीएच विभाग की उठाऊ पेयजल योजनाएं भी शोपीस बनी रहती हैं। ऐसे में संबंधित गांवों के लोग एक ओर जहां तपती दोपहर में गर्म हवा के थपेड़े झेल रहे हैं, वहीं हलक तर करने के लिए पानी का जुगाड़ करना भी उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। बहरहाल, दोहरी मार से परेशान लोग विद्युत महकमे से खफा हैं। स्याहुला पंचायत प्रधान प्यारेलाल शर्मा और उपप्रधान गोपाल शर्मा के साथ ही धनीराम, गरजाराम, मनचली देवी, ऋषि राम दुर्वासा, रीता, मनोज, ईश्वर दास, गोपाल दास, बाबूराम, नीलम और सावित्री देवी आदि का कहना है कि मौजूदा स्थिति ने उनका जीना दुश्वार कर दिया है। विद्युत महकमा तकनीकी कार्य तथा आईपीएच महकमा बिजली न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है। उन्होंने इन विभागों के अधिकारियों को 3-4 दिन इस इलाके में रहने का बुलावा दिया है। उन्होंने कहा कि तभी उन्हें लोगों की परेशानी का सही ढंग से पता चल सकेगा। बेहतर होगा कि पूरे दिन के बजाय बिजली का कट कुछ घंटे के लिए लगाया जाए, ताकि लोगों को कम से कम पानी तो नसीब हो सके।

क्या कहते हैं अधिकारी
विद्युत विभाग के नम्होल उपमंडल में तैनात सहायक अभियंता रामलाल शर्मा ने कहा कि कार्य की अधिकता के कारण विद्युत आपूर्ति पूरा दिन बंद रखनी पड़ रही है। शनिवार को भी पूरा दिन कट रहेगा। अलबत्ता उसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही कट लगाया जाएगा।

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