दहशत में मान गांव, लोग कर गए पलायन

दहशत में मान गांव, लोग कर गए पलायन

जालन्धर: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने लम्बी विधानसभा क्षेत्र में पड़ते गांव मान में 150 कांग्रेस कार्यकत्र्ताओं पर केस दर्ज करने के मामले पर बोलते हुए कहा है कि यह सब कुछ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की शह पर पुलिस द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मान गांव की घटना ने सिद्ध कर दिया है कि किस तरह से बादल राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्य कर रहे हैं।
यह भरोसा करना असंभव है कि मुख्यमंत्री की शह के बिना पुलिस द्वारा उक्त कार्य किया गया है क्योंकि मुख्यमंत्री को यह उम्मीद नहीं थी कि उनके विधानसभा क्षेत्र में ही लोग उनका विरोध करेंगे। वह अपने विधानसभा क्षेत्र लम्बी पर अपना एकाधिकार समझते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकत्र्ता इस बात के लिए प्रोटैस्ट कर रहे थे कि अकाली कार्यकत्र्ताओं द्वारा बूथों पर कब्जे किए जा रहे हैं। प्रोटैस्ट करते कार्यकत्र्ताओं पर अकालियों ने हमला किया तथा उनके वाहनों को आग लगा दी। उन्होंने कहा कि अकालियों ने गोलियां भी चलाईं। पीड़ित लोगों की आवाज सुनने की बजाय पुलिस ने उन्हें ही दोषी मान लिया। बूथों पर कब्जा करने के लिए जिम्मेदार अकालियों पर कार्रवाई करने की बजाय कांग्रेस कार्यकत्र्ताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य अराजकता तथा जंगलराज की तरफ बढ़ रहा है।

विरोधी दल कांग्रेस को दबाने के लिए उन पर झूठे केस दर्ज हो रहे हैं। दूसरी ओर 19 मई को कांग्रेस तथा अकाली दल के बीच हुए टकराव की घटना के बाद गांव पूरी तरह से दहशत में है तथा लोग पलायन करके सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आते इस गांव में 6 वाहनों को आग लगा दी गई थी तथा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोलियां भी चलाई थीं। मान गांव में अधिकांश परिवार अन्य स्थानों पर चले गए हैं तथा उनके घरों में ताले लगे हुए देखे गए हैं।

गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। यहां तक कि ब्लैक कमांडो भी तैनात किए गए हैं। गांव में धारा 144 लागू है। पुलिस दबाव को देखते हुए गांव के लोग 19 मई की घटना के बारे में कुछ भी बोल नहीं रहे हैं। लोग यही कह रहे हैं कि उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने यद्यपि घटना का वीडियो बनाया हुआ है परन्तु कांग्रेसियों को भय है कि पुलिस अकाली दल की बजाय कांग्रेस कार्यकत्र्ताओं के खिलाफ और केस दर्ज कर सकती है।

Related posts