चौपाल के शलान में सात घर राख

चौपाल (शिमला)। उपमंडल की ग्राम पंचायत सरांह के गांव शलान में आग से सात घर जल गए। घटना में करोड़ों रुपयों की संपत्ति राख हो गई। इन घरों में रहने वाले बारह परिवार पूरी तरह बेघर हो गए हैं। प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचकर प्रभावितों को फौरी राहत बांट दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आग वीरवार रात करीब दो बजे भड़की। इस समय सभी परिवारों के सदस्य घरों में सो रहे थे। आग की लपटों को देख कर घर के भीतर सोए परिवारों को अफरा-तफरी में बाहर निकाला गया। सभी परिवार के लोग बदन के कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा सके। गौशाला में रमेश चंद की दो गाय और एक बछड़ा आग की चपेट में आने से जिंदा जल गए। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों में दुलाराम पुत्र रेलू, रमेश चंद पुत्र सुखराम, निर्मला देवी पत्नी नरेश, किरपाराम पुत्र ग्यारु, विनोद पुत्र रमेश, धनीराम पुत्र बलीराम, मस्तराम पुत्र बलीराम, बिमला पुत्री बलीराम, रामलाल पुत्र झीणू, श्याम लाल पुत्र झीणू, श्याम सिंह पुत्र बलीराम, राजेंद्र पुत्र मंगतराम में शामिल होने की पुष्टि की है। आग में रमेश चंद की एक बंदूक तथा गहने भी जल गए हैं।
प्रशासन की ओर से एसडीएम कृष्ण चंद ने मौके पर पहुंच कर प्रभावितों को पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये की फौरी राहत दी है। डीएसपी पूर्ण चंद ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने आग से करोड़ों रुपयों के नुकसान का अनुमान लगाया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। चौपाल के पूर्व विधायक एवं कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष सुभाष मंगलेट ने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
अग्निपीड़ितों की अनदेखी का आरोप
भाजपा जिला महामंत्री तथा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शशिदत्त शर्मा ने प्रशासन तथा सरकार पर अग्नि प्रभावितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आग रात दो बजे लगी, जबकि अधिकारी सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावितों के पास तन के कपड़े ही बचे हैं। सरकार की ओर से मात्र 15-15 हजार रुपये देकर खानापूर्ति की गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को तुरंत राशन, कपड़े तथा रहने के लिए तिरपाल, बर्तन और बिस्तर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए।

Related posts