
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमेरिका के अंदर बढ़ रही आतंकी घटनाओं पर चिंता जाहिर की है। ओबामा ने कहा कि हमारे देश सबसे भारी खतरा कट्टरपंथ से है।
ओबामा ने पिछले साल विस्कॉन्सिन में एक गुरुद्वारे पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वस्कॉन्सिन के गुरुद्वारे में गोलीबारी भी इसी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने इतिहास में कई तरह के हिंसक चरमपंथ का सामना किया है जिसमें टेक्सास में एक विमान के इमारत से टकराने की घटना और ओक्लाहोमा शहर की फेडरल बिल्डिंग में कट्टरपंथियों के हाथों 168 लोगों की हत्या करने का मामला शामिल है।
ओबामा ने कहा कि अमेरिका के लिए यह एक गंभीर समस्या है और कट्टपंथियों से पैदा हुए खतरों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। इसके बाद वाइट हाउस ने घरेलू कट्टरता की एक फैक्ट फाइल में कहा कि अमेरिका विदेश से खतरों के खिलाफ अपनी रक्षा करता है, लेकिन देश की सीमाओं के भीतर आतंकवाद की कड़ी चुनौती को नजऱअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
ओबामा ने यह बातें राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में चुनिंदा श्रोताओं से आतंकवाद के खिलाफ नीति पर संबोधन करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से असामान्य लोग बहुत नुकसान कर सकते हैं, खासकर तब जब वे हिंसक जिहाद के विचार से प्रेरित हों। ये लोग अकसर अमेरिकी नागरिक या यहां के कानूनी निवासी होते हैं। उन्होंने कहा कि एसा लग रहा है कि फोर्टहुड में गोलीबारी और बॉस्टन मैराथन में विस्फोट इसी कट्टरवाद का परिणाम हैं।
