एक वर्ष से मजदूरी के लिए भटक रहे ग्रामीण

रोहड़ू। संदासली पंचायत में लोनिवि के तहत मनरेगा में काम करने के बाद ग्रामीण एक वर्ष से मजदूरी के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम तथा लोनिवि के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर मजदूरी के भुगतान का आग्रह किया है। एक सप्ताह में भुगतान न होने पर ग्रामीणों ने न्यायालय में जाने की चेतावनी दी है।
संदासली पंचायत के ग्रामीणों ने कहा कि एक अप्रैल 2012 से 29 मई 2012 तक जॉबकार्ड धारकों ने मनरेगा के तहत काम किया है। मनरेगा में 42 ग्रामीणों ने तीन मस्टररोल में लोनिवि की खाबल सिंदासली सड़क पर मनरेगा में दीवार लगाने का काम किया है। ग्रामवासी विजय सेन, उत्तम सेन, ठाकुर सेन, सुरेश कुमार, सतीश कुमार, जय चंद, प्रमोद सिंह, प्रेम सिंह, राज कुमार, दिनेश सिंह, मोहन लाल तथा रमेश कुमार ने बताया कि काम करने वाले जॉबकार्ड धारकों को करीब दो लाख रुपये की राशि का लोनिवि ने भुगतान करना है। उन्होंने कहा कि पंचायत की ओर से मजदूरी के भुगतान की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। विकास खंड कार्यालय ने सड़क बनाने के लिए मंजूर राशि लोनिवि को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि लोनिवि के अधिकारी लोगों की मजदूरी के भुगतान में आनाकानी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कानून के तहत मनरेगा का मजदूरी का भुगतान पंद्रह दिन के भीतर करना जरूरी है। संदासली पंचायत के लोग एक साल से लोनिवि कार्यालय के चक्कर काटते थक चुके हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो जॉबकार्ड धारक न्यायालय में जाने के लिए तैयार हैं।
लोनिवि के एक्सईएन करतार चंद ने कहा कि मनरेगा के काम के कागजों में कुछ कमी के कारण संदासली पंचायत के ग्रामीणों का भुगतान रुका हुआ है। उन्होेंने कहा कि पंचायत प्रधान तथा गांव के लोग उनसे मिले हैं। लोगों की मजदूरी को शीघ्र भुगतान करने के लिए एसडीओ को कहा गया है।

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