90 दिनों में क्लीयरेंस करें अधिकारी

नालागढ़ (सोलन)। श्रम रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उद्योगों संबंधित विभागों के लिए सरकार ने जिम्मेवारी तय की है। 90 दिनों के भीतर संबंधित विभाग को क्लीयरेंस देनी ही होगी। नाकाम रहने पर संबंधित विभाग के सचिव को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत मुख्यमंत्री को जवाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि उद्योगों का सीएसआर (कारपोरेट सोशल रिस्पोंसिब्लिटी) के तहत क्षेत्र के विकास में सहयोग करें। वे बागवानियां में सीआरएस की आयोजित कांफ्रेंस में बोल रहे थेे। इस मौके पर सीआईआई के चेयरमैन आकाश गर्ग, अंबुजा के यूनिट हैड राजीव जैन, उद्योग विभाग के निदेशक मोहन चौहान, सीआईआई के वाईस चेयरमैन अरूण रावत, वर्धमान टेक्सटाइल उद्योग के प्रेजीडेंट और निदेशक आईएमजेएस सिद्धू, अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के एरिया प्रोग्राम मैनेजर प्रदीप कुमार, एसएनएस फाउंडेशन आनंद ग्रुप से इंदिरा वर्द्धाराजन, एलिन के प्लांट हैड जेएस कंग, टीवीएस के मेडिकल आफिसर डा मुकेश भल्ला, एबोट के जीएम रविंद्र, प्रोमोड के सीनियर मैनेजर रमन आंगरा, डाबर के प्रोग्राम समन्वयक आशीष अग्रवाल, गोदरेज के मैनेजर एचआर अजय परसीजा के अलावा भवन एवं कामगार वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन बावा हरदीप सिंह, एचपीएसआईडीसी के निदेशक राजेश वर्मा, दून के पूर्व विधायक चौधरी लज्जाराम, परमजीत सिंह पम्मी, यूथ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस शर्मा, नाबार्ड शिमला के चीफ जनरल मैनेजर नरेश गुप्ता, एचपीकेवी के प्रोफेसर एंड हैड डा. डीके वातसा मौजूद रहे।

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