
मंडी। मजदूरों, किसानों, नौजवान व महिलाओं के मुद्दे को लेकर हिमाचल किसान सभा व अन्य संगठनों की बैठक मंडी व सुंदरनगर में आयोजित की गई। बैठकों में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई।
मंडी में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जगदीश ठाकुर ने की, जबकि सुंदरनगर में हेम राज की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई से आम जनता त्रस्त है तथा उदारीकरण की नीतियों के चलते जनता को पहले से मिल रही सुविधाओं व सब्सिडी को छीना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंडी जिले सहित पूरे प्रदेश में जंगली जानवरों एवं आवारा पशुओं की समस्या किसानों के सामने सबसे गंभीर है। जंगली जानवरों व आवारा पशुओं ने किसानों का जीना दूभर कर
दिया है।
उन्होंने कहा कि अब तो शहरों में भी बंदरों ने आतंक मचा रखा है। पिछले दिनों मंडी शहर में जिस तरह से बंदरों के हमलों में लोग घायल हुए हैं, उसने हमारी व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छात्रों व नौजवानों के मुद्दों पर मई माह में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत मनरेगा कामगारों को 150 रुपये न्यूनतम दिहाड़ी देने, जंगली जानवरों व आवारा पशुओं से किसानों को निजात दिलाने, बीपीएल परिवारों से एक रुपये प्रति यूनिट वसूली जा रही बिजली दर निर्धारित 70 पैसे प्रति यूनिट लेने, न्यूनतम वेतन 10 हजार रुपये मासिक देने, सभी राशन कार्ड धारकों को दो रुपये प्रतिकिलो की दर पर हर महीने 35 किलो राशन उपलब्ध करने तथा नई भर्ती पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। जगदीश ठाकुर, हेम राज व सुरेंद्र सेन ने बताया कि 20 मई को जंजैहली व निहरी में, 29 को गोहर में तथा 30 को बालीचौकी में प्रदर्शन किए जाएंगे। सुंदरनगर क्षेत्र के कार्यकर्ता 31 मई को मंडी में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे।
बैठक में किसान सभा के मोहन भारती, डूर सिंह, कुंदन, नौजवान सभा से महेंद्र राणा, मनी राम, जनवादी महिला समिति से जयवंती, वीना, गुरदास वर्मा व महिला समिति से देवेंद्रा आदि मौजूद थे।
