एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में पंजीकृत नहीं स्वारघाट ब्लाक

बिलासपुर। नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्वारघाट क्षेत्र के किसान आतमा प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाली योजनाओं से वंचित हैं। इसके पीछे कारण कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में स्वारघाट का पंजीकरण नहीं होना है। बिलासपुर में जिला में झंडूता, घुमारवीं, सदर ब्लाक के किसानों को आतमा की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। स्वारघाट ब्लाक के किसान सुविधाओं से महरूम हैं।
स्वारघाट क्षेत्र के किसानों को आतमा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विभाग ने स्वारघाट ब्लाक की स्वीकृति का प्रस्ताव निदेशालय भेजा है। यदि विभागीय उच्च अधिकारियों की स्वीकृति मिली तो जल्द ही स्वारघाट में आतमा प्रोजेक्ट की योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। जानकारी के अनुसार आतमा प्रोजेक्ट के तहत हर ब्लाक में एसएमएस की नियुक्ति की गई है। स्वारघाट में अभी यह सुविधा नहीं है। इसके चलते किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उधर, आतमा प्रोजेक्ट के तहत इस बार 140 लाख रुपये का बजट प्लान स्वीकृति को भेजा गया है। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में तीन ब्लाक ही पंजीकृत होने के बावजूद इस बजट प्लान में कट भी लग सकता है। यदि विभाग को स्वारघाट ब्लाक की स्वीकृति मिल गई तो आतमा प्रोजेक्ट के तहत तीन के बजाए चार ब्लाक में विकास कार्य होंगे।
आतमा प्रोजेक्ट के तहत स्वारघाट क्षेत्र के किसानाें को लाभ पहुंचाने का विभाग द्वारा प्रयास किए जाते हैं। कई बार इस क्षेत्र के किसानों को योजनाओं के बारे जानकारी हासिल करने या फिर अन्य कार्य के लिए जिला मुख्यालय आना पड़ता है। कई बार अधिकारी, कर्मचारी न मिलने पर इन्हें एक काम के लिए कई चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके चलते विभाग ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस ब्लाक की स्वीकृति का प्रस्ताव निदेशालय भेजा है।

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