
मलोखर (बिलासपुर)। सोलधा स्कूल में आयरन फोलिक एसिड की दवा खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने के मामले की जांच के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की एक टीम ने स्कूल का दौरा किया। टीम के सामने ही कुछ बच्चों ने दोबारा पेट में दर्द की शिकायत की। दर्द से कराहते बच्चों का स्कूल में ही उपचार किया गया। बीमार पड़ रहे बच्चाें को जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक से सेहत की जांच कराने की सलाह भी दी गई।
सोलधा स्कूल में गत 10 अप्रैल को करीब दो दर्जन बच्चे आयरन फोलिक एसिड की खुराक लेने के बाद बीमार पड़ गए थे। गत वीरवार को इसकी पुनरावृत्ति हुई थी। दवा खाने के बाद कई बच्चों ने पेट दर्द से चीखना शुरू कर दिया था। पीएचसी मलोखर के डा. निखिल वर्मा ने स्कूल में आकर उनका उपचार किया था। दो बच्चियों को मलोखर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था।
शुक्रवार को उच्च शिक्षा उप निदेशक वीर सिंह के साथ ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. राकेश रोशन भारद्वाज व मारकंड खंड चिकित्सा अधिकारी डा. आरके सक्सेना सोलधा स्कूल पहुंचे। प्रधानाचार्य भाल सिंह चंदेल व सोलधा पंचायत प्रधान सुषमा शर्मा समेत कई अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। उनके सामने ही कुछ बच्चों ने दोबारा पेट दर्द की शिकायत की। वे दर्द से कराहने लगे। इस पर चिकित्सा अधिकारियों ने मौके पर ही उनका उपचार किया।
बच्चों को बार-बार बीमार पड़ते देख कई अभिभावक उन्हें यह दवा न देने की जिद पर अड़ गए। इस पर डा. राकेश भारद्वाज ने कहा कि बच्चों की बीमारी का कारण आयरन की दवा नहीं है। वे किसी अन्य वजह से बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बीमार पड़ रहे बच्चों के अभिभावकों को उनकी स्वास्थ्य जांच जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक से कराने की सलाह देते हुए कहा कि टैस्ट रिपोर्ट से ही बीमारी के कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीमार पड़े बच्चों को छोड़कर अन्य सभी बच्चों को आयरन फोलिक एसिड की वीकली खुराक दी जाती रहेगी।
