
बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा फैक्टरी के विस्थापितों व प्रभावितों द्वारा मांगों को लेकर शुरू किया गया आमरण अनशन चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। शुक्रवार को एसडीएम व एएसपी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अनशनकारियों का कुशलक्षेम जानने के साथ ही उनकी मांगें मनवाने का भरोसा भी दिलाया, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हुए। मांगें पूरी न होने तक उन्होंने अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
बरमाणा फैक्टरी के विस्थापितों व प्रभावितों ने सर्वशिक्षित एवं बेरोजगार जनहित संघर्ष समिति के बैनर तले गत छह मई से शुरू किए गए क्रमिक अनशन को गत मंगलवार से आमरण अनशन में बदल दिया है। समिति के अध्यक्ष अमरजीत व सचिव अनिल आमरण अनशन पर बैठे हैं। बड़ी संख्या में महिलाआें समेत अन्य लोग भी उनका साथ देने व हौसला बढ़ाने के लिए अनशन स्थल पर पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को एसडीएम डा. एमएल मेहता व एएसपी विनोद शर्मा भी अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अनशनकारियों का कुशलक्षेम जाना। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि उनकी मांगों को एसीसी प्रबंधन से पूरा कराया जाएगा, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। अनशन पर बैठे अमरजीत व अनिल ने कहा कि पिछली बार भी फैक्टरी प्रबंधन ने वादा खिलाफी की थी। इस बार वे किसी बहकावे में आने वाले नहीं हैं। सभी मांगें पूरी न होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्हाेंने आंदोलन में सहयोग देने के लिए स्थानीय लोगों व दुकानदारों का आभार जताने के साथ ही जिला व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी सराहना की। अलबत्ता बरमाणा पंचायत के मुख्य नुमाइंदे उनके निशाने पर रहे। उन्हाेंने कहा कि पंचायत के मुख्य नुमाइंदे आंदोलन से दूरी बनाए हुए हैं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि उन्हें स्थानीय लोगों की चिंता नहीं है। उनके लिए फैक्टरी प्रबंधन ही सर्वोपरि है।
