पेयजल पर खर्च होंगे 1735 करोड़ : धर्माणी

घुमारवीं (बिलासपुर)। मुख्य संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने कहा कि लोगों को शुद्ध तथा पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष 1735 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
मुख्य संसदीय सचिव (वन) राजेश धर्माणी ने शुक्रवार को घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग घुमारवीं के मंडल कार्यालय में 7 लाख 84 हजार रुपए की लागत से नव निर्मित मंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण किया।
इसके बाद जनसभा को संबोधित करते उन्होंने कहा कि मंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला के आरंभ होने से क्षेत्र के लोगों को जल परीक्षण की सुविधा उपलब्ध हुई है। प्रयोगशाला में अपने निजी नल, बोर वैल तथा अन्य अपने आसपास प्राकृतिक जल स्त्रोतों के जल के नमूनों को टैस्ट करवा कर जल के शुद्ध अथवा अशुद्ध होने की पुष्टि कर सकते हैं। इससे जहां लोगों को सही जानकारी प्राप्त होगी वहीं वे जलजनित रोगों का शिकार होने से भी बचे रहेंगे।
जल के सैंपलों का परीक्षण करने के लिए प्रति सैंपल 20 रुपए की राशि निर्धारित की गई है।
उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समस्त विभागीय अनुभाग कार्यालयों में समय-समय पर जन शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन कर लोगों की पेयजल समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें। ऐसे शिविरों के माध्यम से विभाग लोगों को जल की महता तथा तथा उसकी उपयोगिता की भी विस्तार से जानकारी प्रदान कर जागरूक करें। लोग जलजनित रोगों से बच सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की अधिक किल्लत है, वहां पर विभाग टैंकरों के माध्यम से लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करे। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान संतोष धीमान, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के प्रधान नंद लाल शर्मा, एसडीएम घुमारवीं राजीव कुमार, बीडीओ घुमारवीं अस्मिता ठाकुर, नगर परिषद अध्यक्ष घुमारवीं रीता सहगल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग घुमारवीं प्रकाश चंद वर्मा, एसडीओ आईपीएच घुमारवीं देव राज चौहान, सचिव बीसीसी घुमारवीं मनोहर लाल तथा कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं विनोद कुमार सहित अन्य कर्मचारी अधिकारी मौजूद थे।

Related posts