
रोहडू। भामसं ने हिमाचल प्रदेश के दिहाड़ीदारों के हक में किए गए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। भामसं के जिला अध्यक्ष बृजलाल शर्मा ने बताया कि आईपीएच एवं लोक निर्माण विभाग में वर्ष 2006 को 12 से 13 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके दिहाड़ीदारों को सरकार ने नियमित किया था। मजदूरों ने उच्च न्यायालय में अपील की कि जिस वर्ष दिहाड़ीदारों का आठ साल का कार्यकाल पूरा हुआ है, उसके बाद का बकाया एरियर दिया जाए। उच्च न्यायालय ने मजदूरों के हक में निर्णय सुनाकर आठ वर्ष के बाद के कार्यकाल का बकाया एरियर दिहाड़ीदारों को देने के आदेश दिए। इसके बाद प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की। अब सर्वोच्च न्यायालय ने भी उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए दिहाड़ीदारों को बकाया एरियर तथा अन्य लाभ देने के आदेश दिए हैं। इस निर्णय से वर्ष 2006 में नियमित हुए कर्मचारी वर्ष 2001 से नियमित माने जाएंगे। इससे उन्हें बकाया एरियर के साथ-साथ पुरानी पेंशन योजना का लाभ भी मिलेगा। राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री विपन डोगरा तथा भामसं जिला अध्यक्ष बृज लाल शर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई है
