पहले बिल भरने की तारीख बढ़ाई, फिर सरचार्ज वसूला

शिमला। राजधानी के हजारों उपभोक्ताओं के साथ नगर निगम मजाक कर रहा है। दो दिन पहले आयुक्त ने पानी बिल जमा करवाने के लिए उमड़ रही भीड़ को राहत देने के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 मई कर दी पर जल शाखा के कर्मचारियों ने पंद्रह दिन पहले ही उपभोक्ताओं से सरचार्ज वसूल लिया। कर्मचारियों ने दलील दी कि उन्हें आयुक्त के कोई आदेश नहीं मिले हैं। लिहाजा, वीरवार को बिल जमा करने पहुंचे उपभोक्ताओं की जेब से 104 रुपये सरचार्ज के नाम पर वसूल लिए गए।
कुछ जागरूक उपभोक्ताओं ने इस पर नाराजगी जाहिर की लेकिन बिल लेने वाले कर्मचारी यही कहते रहे कि उनके पास आयुक्त की ओर से कोई आर्डर नहीं मिले हैं। मामला सामने आने के बाद जांच में पाया गया कि आर्डर बुधवार को जारी हुए हैं। बावजूद इसके उपभोक्ताओं को सरचार्ज चुकाना पड़ा। आखिर नगर निगम की जल शाखा के कर्मचारी आयुक्त के आदेश क्यों नहीं मानती?
नगर निगम ने शहर के 21 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को छह माह के पानी बिल एक साथ जारी किए हैं। बिल जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 मई तय की गई थी। बिल जमा करवाने के लिए एक अतिरिक्त काउंटर भी खोला गया। लेकिन निर्धारित तिथि तक कई उपभोक्ताओं को बिल ही नहीं मिले। अक्तूबर 2012 से शहर में पानी की मासिक घरेलू दरें फ्लैट कर दी गई हैं। 150 रुपये पानी का बिल है जबकि सीवरेज सैस 23 रुपये है। कुल मिलाकर घरेलू उपभोक्ताओं को 173 रुपये चुकाने होंगे। अक्तूबर 2012 से मार्च 2013 तक छह माह का कुल बिल 1038 रुपये बनता है।
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इन उपभोक्ताओं से लिया सरचार्ज
रॉक नेस्ट फ्लैट नंबर वन के पीएन नंदा, मच्छी वाली कोठी लोअर जाखू के अनिल कुमार, दीपक टंडन लोअर जाखू और जीएस सौठा ब्लाक बी सेट नंबर एक मच्छी वाली कोठी सहित कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वीरवार को उनसे सरचार्ज के नाम पर 104 रुपये वसूल लिए गए।
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अगले बिल में करेंगे एडजस्ट
आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि सरचार्ज 30 मई के बाद ही लगेगा। जिन उपभोक्ताओं से वीरवार को सरचार्ज लिया गया है, अगले बिल में एडजस्ट कर लिया जाएगा। अब उपभोक्ताओं से सरचार्ज नहीं लिया जा रहा है।

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