महिलाओं ने रोका वन मंत्री का काफिला

होली (चंबा)। वन एवं मत्स्य मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी को होली-बजोली प्रोजेक्ट की सुरंग को लेकर महिलाओं ने करीब दो घंटे घेरे रखा। सुरंग निर्माण को दूसरी तरफ करवाने का आश्वासन मिलने और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही महिलाएं शांत हुईं और वन मंत्री का काफिला होली से लौट सका। वन मंत्री बिना किसी पूर्व घोषित कार्यक्रम के अपने विस क्षेत्र के तहत आने वाले होली क्षेत्र में बुधवार देर शाम पहुंच गए थे। उन्होंने स्थानीय रेस्ट हाउस में कांग्रेस वर्करों और समर्थकों की बैठक लेकर जहां मंडी उपचुनाव की तैयारियों का जायजा लिया, वहीं होली-बजोली प्रोजेक्ट की सुरंग के कारण पैदा विवाद की भी जानकारी हासिल की। इस विवाद के बाद पहली बार वन मंत्री होली पहुंचे थे। वीरवार सुबह जब वन मंत्री के होली पहुंचने की सूचना मिली तो सुरंग निर्माण को लेकर आंदोलन कर रही महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल रेस्ट हाउस में सुबह 11 बजे के करीब उनसे मिला और स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान आधा दर्जन के करीब महिलाएं ही पहुंच पाई थीं। बाकी महिलाएं एकत्रित होकर रेस्ट हाउस की ओर जा रही थीं तो वन मंत्री अपने काफिले के साथ भरमौर लौट चले थे। जैसे ही उनका काफिला होली नाला पर बने पुल के पास पहुंचा, महिलाओं ने उन्हेें रास्ते में ही रोक लिया और उनकी समस्या का समाधान करके ही लौटने को कहा। इस दौरान पुलिस ने महिलाओं को हटाने की कोशिश की, मगर महिलाओं ने एक न सुनी। स्थिति बिगड़ती देख वन मंत्री अपनी गाड़ी से उतरे और पास ही बने स्मारक में बैठ कर महिलाओं की समस्या सुनने लगे। वन मंत्री ने सूझबूझ से उन्हें संतुष्ट किया, तब जाकर करीब दो घंटे बाद वे वापस लौट सके। इस दौरान हालो देवी, अनु, अंजू, कांता देवी, रेणु, कुंदला, सरला, कुंजो देवी, मधु, रत्तो देवी, सिमरो, फांतो देवी, स्वर्णा देवी, रचना, कुंता, विक्रमा, ममता, सुमना, पिंकी, अंजली, छुमा, सुदर्शना, कलासो, कृष्णा, कमला, रजनी, रत्तो, गजरो, नपालो, शकुंतला, भूरी देवी, अनु बाला, रीता और लीला सहित करीब तीन दर्जन महिलाएं मौजूद रहीं।

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