नाहन मंडल की आधे से ज्यादा सड़कें खस्ताहाल

नाहन (सिरमौर)। प्रदेश में सरकार किसी भी पार्टी की हो सिरमौर की जर्जर सड़कों पर इसका प्रभाव ज्यादा नहीं देखा गया, ग्रामीणों को हर रोज जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष बरसात के मौसम में टूटी सड़कों की हालत सुधारने में लोक निर्माण विभाग अभी तक नाकाम साबित हुआ है। इन सड़कों की हालत अभी पूरी तरह से नहीं सुधरी है, बल्कि दो माह बाद फिर से बरसात शुरू होने वाली है। ऐसे में विभाग की ओर से इस साल भी बरसात से पूर्व कच्ची सड़कों की टायरिंग के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस कारण क्षेत्र की सड़कों की हालत फिर से दयनीय होने वाली है।
विभाग के अनुसार जिला सिरमौर के नाहन मंडल में कुल 90 के करीब सड़कें हैं। इनकी लंबाई 479.52 किलोमीटर है। इनमें से 240.22 किलोमीटर का हिस्सा पक्का है, जबकि 239.30 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से कच्चा है। इसके अलावा नाहन डिविजन की कुछ सड़कों की हालत ऐसी है जो कच्चे से भी बदतर है। इन सड़कों की हालत सुधारने के लिए इस वर्ष भी विभाग के पास कोई खास बजट नहीं है।
विभाग के अनुसार नाहन डिविजन के लिए अभी मात्र 93 लाख का स्टेट बजट है। इसमें से 43 लाख एमएनपी और 50 लाख एससीसीपी के तहत बजट का प्रावधान है। ऐसे में क्षेत्र की विभिन्न खस्ताहालत सड़कों की स्थिति सुधरती नहीं दिखाई दे रही है।
ग्रामीण देवराज शर्मा, दौलत राम, इंद्र सिंह, राम स्वरूप, बिशन सिंह, गोपाल सिंह, मित्र सिंह, जाति राम का कहना है कि सरकार चाहे कांग्रेस की आए सा भाजपा की, ग्रामीण सड़कों को पक्का करने का काम कछुआ चाल से चलता है। एक दशक तक कई गांवों में सड़क तीन से चार किलोमीटर पक्की हो पाई। यही कच्ची सड़कें दुर्घटना का कारण बन रही हैं।
उधर इस विषय पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अजय वर्मा ने बताया कि नाहन डिविजन के कुछ हिस्सों में सड़क की टायरिंग का काम चला हुआ है। विभाग के पास इस बार अभी तक 93 लाख रुपये का बजट है। इससे क्षेत्र की सड़कों पर टायरिंग की जा रही है।

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