
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं क्षेत्र के तहत सीर खड्ड का पानी दूषित होने से ‘जहर’ बनता जा रहा है। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे प्रदूषण के कारण इस पानी के सेवन से जल जनित रोगोें के फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। जल जीवों पर भी संकट मंडरा गया है। इस साल भी सीर खड्ड में हजारों मछलियां मर गई हैं। वजह प्रदूषित पानी को माना जा रहा है।
घुमारवीं शहर के नजदीक से होकर निकलने वाली इस खड्ड में स्थानीय लोगों के अलावा प्रवासी लोग गंदगी फैला रहे हैं। प्रशासन भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। मंडी जिले के सरकाघाट से निकलने वाली यह खड्ड हमीरपुर के जाहू कस्बे से होते हुए बिलासपुर में प्रवेश करती है। इस खड्ड पर दर्जनों पेयजल योजनाएं संचालित हैं। इसका फायदा हजारों लोगों को मिल रहा है। कई सिंचाई योजनाएं भी इसी खड्ड पर संचालित हैं। हैरत है कि घुमारवीं शहर के नजदीक खड्ड में भारी मात्रा में गंदगी फैलाई जा रही है। प्रवासी लोग यहां खुले में शौच करने के साथ ही कपड़े आदि भी धो रहे हैं। हालात यह भी हैं कि कई स्थानों पर घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी भी सीधी इस खड्ड में की गई है। पिछले वर्ष भी गर्मियों के मौसम में सीर खड्ड में टनों के हिसाब से मछलियां मर गई थीं। इस वर्ष भी मछलियों के मरने का मामला सामने आया है। एक ओर तो निर्मल भारत अभियान के तहत स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, दूसरी ओर नदी-नालों को प्रदूषण से बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
जिला मत्स्य अधिकारी श्याम लाल शर्मा का कहना है कि शहर के नदी-नालों का गंदा पानी खड्ड में आ रहा है। इससे मछलियां मर रही हैं। जल प्रदूषण को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। कपड़े धोने की नदी के किनारे मनाही है।
नगर परिषद घुमारवीं की अध्यक्ष रीता सहगल का कहना है कि शहर से निकलने वाले पानी का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद जल्द ही इस समस्या का भी समाधान कर दिया जाएगा। प्रवासी मजदूरों को शौचालय बनाने के लिए कहा गया है। यदि वह शौचालय नहीं बनाते हैं तो उन्हें वहां से हटा दिया जाएगा।
