हजारों उपभोक्ता नहीं भरेंगे पानी बिल

शिमला। दूध के दाम पर मिल रहे पानी को लेकर हजारों उपभोक्ता नगर निगम के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। लोगों ने एकमत होकर पानी बिलों का भुगतान न करने का फैसला किया है। शहर से पांच गुना अधिक बिल आने पर ये लोग कोर्ट जा रहे हैं। भट्ठाकुफर में आपात बैठक कर उदय वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले यह रणनीति बनाई गई है। सोसाइटी से जुडे़ लोग निगम परिधि से सौ मीटर बाहर रहने वाले अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपनी इस मुहिम से जोड़ने की कवायद में जुट गए हैं।
नगर निगम क्षेत्र से सौ मीटर बाहर बसे भट्ठाकुफर, लंबीधार, मल्याणा, लोअर समिट्री, मशोबरा, टुटू और खलीनी के लोगों को पानी का छह माह का बिल 5,250 रुपये भेजा गया है। प्रति माह 880 रुपये लोगों से पानी की सप्लाई की एवज में वसूले जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग (आईपीएच) की सप्लाई नहीं है। ऐसे में नगर निगम ने सदन में प्रस्ताव पारित करवाकर इन क्षेत्रों में पानी देने का फैसला लिया। पहले इन क्षेत्रों में मीटर रीडिंग के आधार पर बिल वसूला जाता था लेकिन शहर में पानी के फ्लैट रेट लागू करने के दौरान सौ मीटर बाहर भी फ्लैट रेट कर दिया। लेकिन यहां सप्लाई की एवज में शहर से पांच गुना अधिक शुल्क कर दिया गया। फ्लैट रेट लागू होने के बाद बीते दिनों एक साथ छह माह के बिल लोगों को भेजे गए हैं। उदय वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान हरनाम बांश्टू, सुधार सभा भट्ठाकुफर के प्रधान बीआर वर्मा, विशेषवर शर्मा, डा. प्रेम मच्छान, जगदीश नेगी और देवेंद्र सिंह मदाईक सहित अन्य लोगों ने कहा कि सोमवार को हाईकोर्ट में इस संदर्भ में याचिका दायर की जाएगी। तब तक पानी के बिल जमा नहीं करने का फैसला लिया गया है।

कम से कम हो मासिक बिल : शैलेंद्र
ढली वार्ड से भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने भी बढ़ी हुई दरों पर जारी किए गए बिलों का विरोध किया है। उन्होेंने कहा कि बिल कम से कम किया जाना चाहिए। सदन में भी उन्होंने दरें बढ़ाने का विरोध किया था।

पांच गुना वसूली जायज नहीं : अनिरुद्ध
कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि इस मामले पर नगर निगम से बात की जाएगी। सौ मीटर बाहर रहने वाले लोगों से शहर से पांच गुना अधिक शुल्क वसूलना जायज नहीं है।

भाजपा, कांग्रेस से नहीं बनी सहमति : टिकेंद्र
उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि सदन में पानी की दरों को कम करने का वे प्रस्ताव लेकर आए थे लेकिन भाजपा और कांग्रेस से सहमति नहीं बनी। इस प्रस्ताव को दोबारा से सदन में लाएंगे।

दोबारा होना चाहिए विचार : सुशांत
इंजनघर वार्ड से कांग्रेस पार्षद सुशांत कपरेट ने कहा कि 880 रुपये प्रतिमाह पानी का बिल अधिक है। जनहित की भावनाओं को देखते हुए बिल पर दोबारा विचार करना चाहिए।

Related posts