
उरला (मंडी)। क्षेत्र में वन तस्करी का अवैध धंधा जोरों से पनप रहा है। वन काटू हरे भरे देवदार के पेड़ों को रातों रात काट कर ठिकाने लगाने की फिराक में हैं। ऐसे में वन महकमे को बीती रात को इन लकड़ी तस्करों को धर दबोचने में कामयाबी हासिल हुई है।
वन परिक्षेत्र उरला और पधर पुलिस के दल ने संयुक्त रूप से रात्रि गश्त के दौरान वन तस्करी में संलिप्त पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों को देवदार के आठ स्लीपर सहित दबोचा गया, जिन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार रात्रि को वन परिक्षेत्र अधिकारी उरला ओम प्रकाश चंदेल और पधर पुलिस थाना प्रभारी संजीव सूद संयुक्त रूप से अपने दल बल सहित झटींगरी-घोघरधार-कटिंढी संपर्क मार्ग पर रात्रि गश्त कर रहे थे। इस दौरान दल ने सरागलू स्थान पर कंधे में देवदार के स्लीपर लेकर जा रहे देवी लाल पुत्र चुहणू राम, देवी सिंह पुत्र बेली राम, दौलत राम पुत्र बेली राम निवासी धार कसयाण, पप्पू पुत्र राम चंद निवासी मरखाण तथा रमेश कुमार पुत्र श्याम सिंह निवासी फुटाखल डाकघर झटींगरी पधर को लकड़ी सहित धर दबोचा। मौके पर जहां देवदार के हरे भरे पेड़ों के काटे गए आठ स्लीपर बरामद किए गए, वहीं पेड़ को काटने में प्रयोग किया गया इलेक्ट्रानिक कटर भी बरामद किया गया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी ओम प्रकाश चंदेल के अनुसार जब्त की गई लकड़ी की कीमत लगभग 45 हजार रुपये आंकी गई है। उधर, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी स्थानीय हैं, जो तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं। एसएचओ संजीव सूद ने कहा कि क्षेत्र में वन तस्करी के धंधे को रोकने के लिए पुलिस भी वन विभाग के साथ समय-समय पर गश्त अभियान छेड़े हुए है। आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
