दुराचारी को सात साल की कैद

घुमारवीं (बिलासपुर)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश घुमारवीं पीपी रांटा की अदालत ने मानसिक रूप से अक्षम एक नाबालिग के साथ दुराचार के आरोपी बगेटू निवासी दीपराज उर्फ बड्ड को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपए जुरमाने की सजा सुनाई है।
सहायक लोक अभियोजक राहुल चोपड़ा ने बताया कि बीते वर्ष 28 अगस्त को एक महिला ने भराड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार उसकी 17 वर्षीय बेटी मानसिक रूप से अक्षम है। वह पांचवीं तक पढ़ी है। 27 अगस्त, 2012 को वह घर पर अकेली थी। कपड़े सिलवाने के लिए वह रीखूराम के घर गई। बेटी ने रीखूराम की पत्नी को कपड़े दिए। इसके बाद पति-पत्नी घास लाने के लिए चले गए। उस दिन बगेटू निवासी दीपराज उर्फ बड्ड भी रीखूराम के घर पर आया हुआ था। दंपति के वहां से चले जाने के बाद वह लड़की को कमरे के भीतर ले गया। दरवाजा बंद करके उसने नाबालिग के कपड़े उतारकर जबरन उसके साथ दुराचार किया। गांव की एक महिला रीखूराम के घर पहुंची। उसने दरवाजा खटखटाया। दीपराज ने दरवाजा खोला और खेतों की ओर भाग गया।
प्राथमिकी दर्ज करने के बाद भराड़ी पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल भी कराया, जिसमें दुराचार की पुष्टि हुई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 के तहत दीपराज को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाह अदालत में पेश हुए। अदालत ने दीपराज उर्फ बड्ड को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास व 20 हजार जुरमाने की सजा सुनाई। अदालत ने जुरमाने की राशि में से 15 हजार रुपए पीड़िता को देने के भी आदेश दिए हैं।

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