
शिमला। गाड़ी चलाते समय मोबाइल सुनने की आदत है तो उसे छोड़ देने में ही भलाई है। अगर एक बार पकड़े गए तो पांच सौ जुर्माना भरना होगा और अगर दूसरी बार भी गलती दोहराई तो मौके पर ही गाड़ी से हाथ धो बैठेंगे। जिन चालकों का दो मर्तबा चालान इससे पहले हो चुका है उन गाड़ियों की सूची बनाकर पुलिस जब्त करने जा रही है। गाड़ी को रिलीज करने के लिए फिर मालिक को अदालत की ही शरण में जाना होगा। शिमला पुलिस ने अब तक ऐसी पच्चीस गाड़ियों का रिकार्ड ले लिया है इसका एक डाटा तैयार कर कार्रवाई करने जा रही है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर शिमला पुलिस यह कड़ी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस को प्रदेश उच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि इस कारण सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। पुलिस ऐसे चालकों का डाटा एकत्रित करे और साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि अगर कोई चालक दूसरी बार पकड़ा जाता है तो उसकी गाड़ी कब्जे में ले ली जाए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश पर सभी थाना प्रभारियों और ट्रैफिक पुलिस को ये निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ऐसा करने पर नहीं होगा चालान
– गाड़ी चलाते समय आप बातचीत के लिए आप केवल ब्लू टूथ , हैंड्स फ्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आपका चालान नहीं होगा।
हैलमेट में मोबाइल गलत
शहर में कई वाहन चालक बिना हैलमेट के वाहन चलाते हैं और जो हैलमेट पहनते हैं उन्होंने भी नया तरीका निकाल लिया। अधिकतर बाइक चालक मोबाइल को अपने हैलमेट में फंसा लेते हैं और वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते हैं। ऐसे ही कुछ लोग हैं हैंड्स फ्री का इस्तेमाल करते हैं। ये दोनों गलत हैं ऐसा करने से ध्यान बंटता है।
सावधानी हटी दुर्घटना घटी
पुलिस का कहना है कि वाहन चलाते समय कभी भी मोबाइल का प्रयोग नहीं करे। न ही ईयर फोन का प्रयोग करें। वाहन चलाते समय लापरवाही दुर्घटना का कारण बन जाती है। चालक तो दुर्घटनाग्रस्त होता ही है पीछे बैठी सवारी भी घायल हो जाती है। साथ ही दूसरे लोगों को भी खतरा रहता है।
ये रखें सावधानी
– जरूरी कॉल न हो तो अपने गंतव्य पर पहुंच कर बात कर लें।
– अत्यंत जरूरी हो तो गाड़ी को सड़क से नीचे उतार कर साइड में रोके। इसके बाद मोबाइल पर बात करें।
– कभी भी गाड़ी चलाते समय मोबाइल की स्क्रीन पर यह नहीं देखें कि किसका कॉल है।
