
विकास खंड फतेहपुर के तहत 1974 में अस्तित्व में आए खटियाड़ सरकारी स्कूल अपग्रेड होकर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तो बन गया लेकिन समय के साथ इसके भवन का ढांचा नहीं बदला। भवन दिन-प्रतिदिन जर्जर होता गया। भवन की मरम्मत करने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विभाग ने नया भवन तो बनाया नहीं लेकिन कहीं कोई हादसा न हो जाए, इस डर से जर्जर भवन को गिरा दिया। विद्यार्थियों को बैठाने के लिए अस्थायी रूप से टीन का शेड बना दिया। नए भवन के लिए बजट भी मंजूर हो चुका है लेकिन निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा।
स्कूल प्रधानाचार्य अश्वनी कुमार, स्कूल प्रबंधन कमेटी तथा पंचायत प्रधान सुमन बाला और ग्रामवासियों की जद्दोजहद के बाद प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खटियाड़ को लगभग 48 लाख रुपये नई इमारत बनाने के लिए स्वीकृत किए। नए भवन निर्माण की जिम्मेदारी निदेशक उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी एजेंसी हिमुडा को सौंपी गई।
बाकायदा निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त 10 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट संख्या 53,54,55 के तहत 14 दिसंबर 2012 को जारी कर दिए गए लेकिन हिमुडा ने स्कूल निर्माण को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
गर्मियाें का सीजन सिर पर है। चिलचिलाती धूप में टीन के शेडों में बच्चे कैसे बैठ पाएंगे, यह चिंता परिजनों को सताने लगी है।
स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान सुमन बाला, गणेश, डिंपल, सतपाल, राम प्रसाद, पूर्व बीडीसी मेंबर सुरिंद्र कुमार, पूर्व प्रधान हरविंद्र सिंह ने कहा कि हिमुडा के गैर जिम्मेदाराना रवैये की सजा अब गर्मी के रूप में बच्चे तथा अध्यापक भुगतेंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि स्कूल की इमारत का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ करवाया जाए ताकि विद्यार्थियों को और दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
मुख्य संसदीय सचिव (शिक्षा) नीरज भारती ने कहा कि इसके बारे में स्थिति की जांच करके शीघ्र ही स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।
