
राजगढ (सिरमौर)। जिला स्तरीय शिरगुल देवता बैसाखी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या प्रसिद्ध लोक गायक डॉ. कृष्णलाल सहगल के नाम रही। शिरगुल मंच पर उन्होंने अपनी मधुर आवाज का ऐसा जादू बिखेरा की दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इसके अतिरिक्त स्टार कलाकार गीता भारद्वाज तथा कुलदीप शर्मा ने भी अपनी प्रस्तुतियाें पर दर्शकों को नाचने पर मजबूर किया।
अंतिम सांस्कृतिक संध्या के मुख्यातिथि आयुक्त आबकारी एवं कराधान राजेंद्र सिंह नेगी थे। मेला कमेटी ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। जबकि इस अवसर पर डॉ. कृष्णलाल सहगल को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कलाकारों ने ‘तेरी ना आउंगा चूड़ी देवा शिरगुला’ से की। सोनू ने ‘ताकते रहते तुझको सांझ सबेरे’, ‘इश्क तेरा तरसाए’ व ‘सावण में लग गई आग’ आदि गीत गाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके बाद जगत सिंह ने नाटियां पेश की। मदन झाल्टा ने ‘कुबजा ढ़िलिए बीखे, राणिए परागोये’ व ‘नई आवणा तेरे आंगणे’ नाटियां पेश कर अच्छी छाप छोड़ी।
इसके बाद डॉ. कृष्णलाल सहगल ने अपनी मधुर आवाज में ‘पहले तेरी महिमा रा गुण गाणा देवा बिजटा देवा शिरगुला’ और इसके बाद उम्दा नाटियों का सिलसिला पारंपरिक वाद्य यंत्रों से किया। इसमें उनकी मशहूर नाटियां ‘घोणी ओ केल्टी बिलडे बानो’, ‘ऐसी मुजरे जोगी जमाना’, ‘काला बाशा कौआ तेरे आंगणे’, ‘रोयओ रातडी कोटी मेरी’, ‘नाचणा उंछा छूबीए व गिरियो रो पाणी’ आदि शामिल थी। इसके पश्चात गीता भारद्वाज ने ‘मैं ख्वाबों की शहजादी’, ‘जलेबी बाई’, ‘बलमा ओ बलमा’, ‘दिल मेरा मुफ्त का’, ‘टिंगू जिया’ व ‘मेरे फोटो को सीने से यार’ फिल्मी तथा ‘बुरा नी मानणा मेरी बातो रा’, ‘बदले तेवर तेरे रे’, ‘ईक आदिया मंगाई जा रे’ आदि नाटियों पर दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर दिया।
अंत में स्टार कलाकार कुलदीप शर्मा ने माता की भेंट से कार्यक्रम शुरू किया और ‘मेरी ओ जानी रा बसेरा, कूणी लाया शुकी धारो दा डेरा’, ‘यार नी मिलणा’, ‘मेरी मोनिका’, ‘मोले री मोलाई’ और ‘सोभी मेरी टाटा बाए’ आदि नाटियों का सिलसिला कार्यक्रम समाप्ति तक जारी रखा।
इस मौके पर एसडीएम राजगढ़ पंकज शर्मा, तहसीलदार राजकुमार ठाकुर, डीएसपी भूपेंद्र बरागटा, कांग्रेसी नेता संजीव शर्मा, विद्यानंद सरैक, राजकुमार, सोमदत्त ठाकुर, अमन तोमर, आशा प्रकाश, विजय ठाकुर, अजय चौहान, गोपाल कृष्ण, दीपकधीर, हरिओम खेडा, तरुण साहनी, सुरेंद्र तोमर व सुंदर सिंह आदि सहित हजारों लोग उपस्थित थे।
